वार्ता:सोवियत संघ

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यह पृष्ठ सोवियत संघ लेख के सुधार पर चर्चा करने के लिए वार्ता पन्ना है। यदि आप अपने संदेश पर जल्दी सबका ध्यान चाहते हैं, तो यहाँ संदेश लिखने के बाद चौपाल पर भी सूचना छोड़ दें।

लेखन संबंधी नीतियाँ

हुंजजाल जी, शायद मैं गलत हो सकता हूँ फिर भी १९९१ में सोवियत संघ विस्थापित नहीं विखण्डित या वियोजित हो गया था। विस्थापन में बलपूर्वक हटाने का भाव या बोध अधिक है और सोवियत एक स्वेच्छा से बनाया गया संघ था। विचारधारा में विचलन और कुछ जातियों के आत्मनिर्णय के आधार पर विघटन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई और १९९१ में संघ विघटित हो गया। विस्थापित के स्थान पर विघटित, विखण्डित या वियोजित प्रयोग करना क्या सही नहीं होगा? यह श्रेणियों के वर्गीकरण को देखकर कह रहा हूँ। -- अजीत कुमार तिवारी वार्ता 08:12, 15 जुलाई 2012 (UTC)

तिवारी जी, आपकी बात तो सही है। इस श्रेणी में आगे चलकर सैंकड़ों देशों के लेख होंगे, इसलिए इसे ध्यान से चुनना चाहिए। विस्थापित में ज़बरदस्ती हटाए जाने का बोध अवश्य है, इसलिए आप ठीक कह रहें हैं कि शायद यह सही शब्द नहीं। इसमें ऐसे देश होंगे जिन्हें बलपूर्वक तोड़ा गया या विलय कर लिया गया और ऐसे भी होंगे जो शांतिपूर्वक टूट गए या किसी अन्य देश के जुड़ गए। इन सबके लिए एक सरल शब्द क्या हो सकता है? अंग्रेज़ी में यह 'established' और 'disestablished' अच्छा लगता है क्योंकि यह मिलते-जुलते शब्द हैं। ऐसा कुछ हिन्दी में भी हो सके तो अच्छा लगेगा। कुछ अन्य सम्भावनाएँ हैं? एक अन्य प्रशन है कि 'ज़ार' को 'त्सार' कहें क्या? भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेज़ी की देखा-देखी इसे अंग्रेज़ीभाषी 'ज़ार' कहते हैं लेकिन लिखते 'tsar' या 'czar' हैं। रूसी शब्द ц अक्षर से शुरू होता है जो 'वत्स' वाला 'त्स' है। यह हिन्दी में अक्सर पाई जाने वाली ध्वनि है इसलिए मैंने सोचा इसे अंग्रेज़ी रूप में न करके मूल रूसी या स्लावी रूप में लिखें। वैसे मुझे अंग्रेज़ी-लहजे के 'ज़ार' से भी आपत्ति नहीं है - मात्र अपनी विचार-शृंखला बता रहा हूँ। --Hunnjazal (वार्ता) 19:30, 15 जुलाई 2012 (UTC)
हुंजजाल जी, स्थापित और विघटित एक विकल्प हो सकता है। 'त्सार' के संदर्भ में यह ध्यान देना होगा कि हिंदी में 'त्स' से शुरु होने वाले शब्द बहुत ही कम हैं। मुझे तो एक भी याद नहीं आ रहा है। दो आरंभिक दंत्य ध्वनियों को साथ में लेकर मिश्रित शब्द बनाने की परंपरा हिंदी में बहुत कम देखने को मिलती है। संस्कृत में अवश्य ऐसा प्रचलन है किंतु हिंदी में न के बराबर ही है। अगर प्रयोग करते भी हैं तो 'स' पहले आता है 'त' बाद में। जैसे- स्त्री, स्तर, स्थिति आदि। चूंकि जीभ और दाँत का प्रयोग मिश्रित रुप में एक साथ करना पड़ता है, इसलिए पहले एक व्यंजन या स्वर का होना सुविधाजनक होता है। जैसे- संवत्सर, वत्स, अनुसंधित्सु आदि। उच्चारण में भी असुविधा होती है, जबकि 'ज़ार' न केवल परिचित शब्द है बल्कि ध्वनि और उच्चारण के लिहाज़ से भी सुविधाजनक है। हाँ, संभ्रात कहलाने वाले 'ज़ार' कहते हैं और आम जनता 'जार' (हिंदी में इसका अर्थ व्यभिचारी भी होता है) कहती है। बस इतना सा अंतर है। वैसे नियमतः देखा जाय तो हिंदी भाषाविज्ञान में 'मुखसुख' और 'हस्तसुख' का भी एक सिद्धांत है, जिसके अनुसार कुछ शब्दों के उच्चारण और वर्तनी को सुविधानुसार अनुकूलित किया जा सकता है। विदेशी ध्वनियों के मामले इसका ध्यान रखेंगे तो सुविधा होगी। यह एक राय ही है, आप चाहें तो अमल कर सकते हैं। -- अजीत कुमार तिवारी वार्ता 11:30, 16 जुलाई 2012 (UTC)

रूसी में 'त' और 'ट' ध्वनि[संपादित करें]

हुंजजाल जी। जहाँ तक मेरी जानकारी है, रूसी में 'ट' नहीं 'त' ध्वनि प्रचलित है। लिपि का तो ज्ञान नहीं है किंतु ध्वनि के विषय में थोड़ी जानकारी है। यदि आप को स्पष्ट हो तो बताएँ। स्टालिन के स्थान पर स्तालिन होना चाहिए या दोनों सही है? -- अजीत कुमार तिवारी वार्ता 14:38, 16 जुलाई 2012 (UTC)