वार्ता:श्रीमद्भगवद्गीता

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लेखन संबंधी नीतियाँ

गीता के पहले श्लोक का अर्थ[संपादित करें]

धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे् समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय॥१॥

गीता (हिंदी भावानुवाद)– धृतराष्ट्र ने कहा- संजय! धर्म भूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे तथा पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?

तात्पर्य– भगवत गीता एक बहुतपठित आस्तिक की विज्ञान है जो गीता-महात्म्य में सार रूप में दिया हुआ है। Bhagavad Geeta Ka saar (वार्ता) 16:31, 13 नवम्बर 2019 (UTC)