वार्ता:भीनमाल

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  1. श्री_शान्तिनाथजी महाराज का कुंभ मेले को #पर्चा समत्कार
  1. बहुत पुरानी बात है, एक बार पीरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज कुम्भ के मेले में त्रिवेणी संगम इलाहाबाद गए हुए थे, आप सभी को ज्ञात होगा कि त्रिवेणी संगम इलाहाबाद कुम्भ का मेला 12 वर्ष में एक बार लगता है, उस मेले में प्रतिदिन 50 लाख से ज्यादा त्रिवेणी संगम में स्नान करते है, पिरजी महाराज भी उस मेले में गए हुए थे, प्रतिदिन की तरह एक दिन सुबह सुबह पिरजी महाराज सूर्य भगवान को जल चढ़ा रहे थे, की अचानक पिरजी महाराज के हाथ से जल से भरा लोटा हाथ से चूक गया, पिरजी महाराज ने अपने तपोबल से जल को बीच मे ही रोक दिया, जल वापस लौटे में समा गया ।
  1. उस समय कोई संत पिरजी महाराज के पास में खड़े थे, उन्होंने ये सब देखा तो, वो बोले कि ऐसे पोपल गण्डे और नाटक तो मेने बहुत देखे है, तुम इतना ही चमत्कारी है, अपनी माँ का लाल है, *पिरजी बावसी ने मेंणु दिदु* तो अपने चमत्कार से इस कुम्भ के मेले को भोजन करवाकर दिखा ।
  1. पिरजी महाराज के साथ उस समय सिधेय नाथजी महाराज थे, पिरजी महाराज उनको अपने गुरु भाई मानते थे, पिरजी बावसी ने सिधेय नाथजी की ओर इशारा करते हुए उनसे पूछा, गुरु भाई *आपरौ का विचार* है, सिधेय नाथजी ने बोले, नेकी और पूछ पूछ *जय बोलावणी है*
  1. तब पिरजी बावसी वहाँ गए जहाँ पर रसोई बन रही थी, एक साफ सफेद कपड़ा लिया और जो रसोई बनी हुई थी, उन सभी पात्रों को सफेद कपड़े से ढक दिया, और उनको आदेश दिया कि पूरे कुम्भ मेले को भोजन करवाओ, जब तक पूरा मेला भोजन नही करता, तब तक इस कपड़े को नही हटाए, जैसा नाथजी का आदेश हुआ, रसोई बनाने वालों ने वैसा ही क्या, लोग आते गए भोजन करते गए, पचास लाख से ज्यादा लोगो ने भोजन किया लेकिन खाना खत्म ही नही हो रहा था, यह बात आग की तरह पूरे मेले फेल गई ।
  1. पूरे कुंभ मेले में चर्चा होने लगी कि राजस्थान जालौर से ऐसा संत आया है, कि उन्होंने अपने चमत्कार से पूरे मेले को भोजन करवाया है, लेकिन अभी भी खाना खत्म ही नही हो रहा है, चारो ओर जय जयकार होने लगी, तब कुम्भ मेले में देश भर से बड़े बड़े गादीपति, मठाधीश, पीठाधीश और शंकराचार्य आये सभी ने आकर पिरजी महाराज की तारीफ की और कहा कि आपने तो बहुत बड़ा चमत्कार किया है, *आप तो पिरो के पीर हो* उस दिन से शान्तिनाथजी महाराज को पिरजी की पदवी मिली थी, राजस्थान में दो ही पीर हुए है, एक तो रामसापीर और दूसरे पिरजी श्री शान्ति नाथजी महाराज सिरेमन्दिर धाम जालौर ।।।।

बोलिये #पीरो के #पीर श्री शान्तिनाथजी महाराज की जय मुकेश कुमार जगारामजी चौधरी निम्बावास