वार्ता:क़ुतुब मीनार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
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यह पृष्ठ क़ुतुब मीनार लेख के सुधार पर चर्चा करने के लिए वार्ता पन्ना है। यदि आप आप अपने संदेश पर जल्दी सबका ध्यान चाहते हैं, तो यहाँ संदेश लिखने के बाद चौपाल पर भी सूचना छोड़ दें।

लेखन संबंधी नीतियाँ
    • कुतुब मीनार का पूरा अनुवाद आशीष भटनागर ने किया है। हां यदि कुछ ऊपरी संपादन के कारण संयुक्त प्रयास होता है, तो अधिकांश लेख श्रीमती पूर्णिमा वर्मन के ही नाम या संयुक्त प्रयास होंगे। तब कैसे इसे संयुक्त प्रयास लिखा गया है। कृपया यहां इस बात का अतीव ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी से भी ऐसी भूल दोबारा ना हो। चाहे कोई प्रबंधक ही हो।
अशीष भटनागर द्वारा लिखा गया अधिकांश हिस्सा अशुद्ध था जिसके कारण उसे हटाया गया है। इसे पुराने अवतरणों में देखा जा सकता है। इस कारण इसे संयुक्त प्रयास कहा गया है। उन्हें इस प्रकार के कमेंट लिखने से पहले सही हिन्दी लिखना सीखना चाहिए। प्रबंधक होने के बावजूद वे बार बार व्याकरण, वर्तनी, अनुवाद और रचना की भूलें सुधार नहीं रहे हैं अतः यह भूल से नहीं सोद्देश्य लिखा गया है।--Munita Prasadवार्ता ०२:२४, २ अप्रैल २००९ (UTC)
उपरोक्त टिप्पणीकर्ता स्वयं अपनी वर्तनी को यहीं जाँच लें। आशीष भटनागर का नाम भी सही नहीं लिख सकते, वे क्या दूसरों पर टिप्पणी करें। दूसरे, क्या मात्र एक ही व्यक्ति यह सुनिश्चित करेगा, कि हिन्दी विकिपीडिया की वर्तनी क्या होनी चाहिए। क्या किसी के पूर्ण लेख को मिटा कर उस पर कोई दूसरा सदस्य अपना पाठ डाल दे, तो वय लेख संयुक्त प्रयास ही कहलाएगा? क्या कोई खास सदस्य/प्रबंधक मात्र अपने ही नाक को यहां ठूंसने का प्रयास नहीं कर रहा? ध्यान रखने की बात सभी लोगों पर समान रूप से लागू होती है, और किसी का भी नाम हटाने का यह तरीका उचित नहीं है। इस बात का अपनी गरिमा को सुरक्षित रखने के लिए ध्यान रखना चाहिए।

जब किसी ने कोई लेख अच्छी लंबाई का बना दिया, एक बार; और निश्चित ही वह इतना अशुद्ध नहीं था, कि १००% हटाने योग्य था, जरा उस संस्करण [आशीष भटनागर द्वारा पुर्णतः निर्मित] को देखकर, कोई उसे आलेख के लिए निर्वाचित कॉफी लेख से मिला कर देख ले। तब उसे पाठ हटा कर चाहे कोई कितना ही योगदान कर दे, वह लेख बिना मूल लेखक की स्वीकृति के संयुक्त प्रयास सिद्ध नहीं हो सकता है। अन्यथा यह एक मुक्त कोष है, और यहां सभी लेख संयुक्त प्रयास हैं। तब नाम लिखने की परिपाटी एकदम समाप्त ही हो जानी चाहिए।