वारांगचरित

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

वरांगचरित संस्कृत का काव्यग्रन्थ है। इसके रचयिता जटासिंहनन्दि को माना जाता है जिनका काल ७वीं से ९वीं शती के बीच है। यह जैन धर्म से सम्बन्धित ग्रन्थ है जिसमें ३१ अध्याय हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]