वर्गमूल निकालने की विधियाँ

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वर्गमूल निकालने की बहुत सी विधियाँ हैं। वर्गमूल निकालने की एक प्रचलित विधि निम्नलिखित सर्वसमिका पर आधारित है-

(क + ख)2 = क2 + 2×(क×ख) + ख2

इतिहास[संपादित करें]

भारतीय गणितज्ञों की विधियाँ[संपादित करें]

  • आर्यभटीय में वर्गमूल निकालने की विधि दी गई है जो पूर्णवर्ग संख्याओं के लिए है।

आर्यभट की विधि[संपादित करें]

आर्यभट ने वर्गमूल निकालने की अपनी विधि को निम्नलिखित श्लोक द्वारा अभिव्यक्त किया है-

भागं हरेदवर्गान्नित्यं द्विगुणेन वर्गमूलेन।
वर्गाद्वर्गे शुद्धे लब्धं स्थानान्तरे मूलम़्॥
(अनुवाद : (Having subtracted the greatest possible square from the last odd place nd then having written down the square root of the number subtracted in the line of the square root) always divide the even place (standing on the right) by twice the square root। hen, having subtracted the square (of the quotient) from the odd place (standing on the ght), set down the quotient at the next place (i.e., on the right of the number already

written in the line of the square root). This is the square root. (Repeat the process if there are still digits on the right)

सन्निकट (Rough) वर्गमूल निकालना[संपादित करें]

धनात्मक संख्याओं S के वर्गमूल निकालने की अधिकांश विधियों का आरम्भ वर्गमूल के एक सन्निकट मान से होता है जिसे क्रमशः शुद्ध बनाते जाते हैं। यदि यह आरम्भिक मान, वर्गमूल के शुद्ध मान से बहुत दूर होगा तो गणना करने में अधिक चरण (और अधिक समय) लगेंगे। इसलिए वर्गमूल का सन्निकट मान निकालना बहुत उपयोगी है।

माना पूर्णांक S ≥ 1, तथा इसमें अंकों की संख्या D है। तो

यदि D विषम है, D = 2n + 1, तो
यदि D सम है, D = 2n + 2, तो
उदाहरण 

माना 234 का वर्गमूल निकालना है। यहाँ D=3 तथा n = 1 . अतः 234 के वर्गमूल का मान = = 20

बख्शाली विधि[संपादित करें]

यह विधि प्राचीन भारतीय गणित ग्रन्थ 'बख्शाली पाण्डुलिपि' में वर्णित है।

का मान निकालने के लिए, माना S के सबसे निकट पूर्ण वर्ग संख्या N2 है। इसके बाद निम्नलिखित चरणों द्वारा वर्गमूल निकालें-

उपरोक्त प्रक्रिया को इस प्रकार भी लिखा जा सकता है-

उदाहरण[संपादित करें]

का मान निकालो।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]