लोक कथा

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लोक कथाएँ किसी समाज /सभ्यता की वे कथाएँ हैं जो की मौखिक तौर पर उस समाज / सभ्यता में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाती हैं | ये कथाएँ किसी समाज/जाति/संप्रदाय/सभ्यता के किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की होती हैं या केवल आम कथाएँ किसी सामान्य व्यक्ति की | इन कथाओं का मुख्य उद्देश्य सभ्यता /समाज के ज्ञान, समझ, नैतिक मूल्यों और जानकारी को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे पहुंचाना होता है | हर देश में अलग अलग तरह की लोक कथाएँ मौजूद हैं जिनसे ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाया जाता है , चूंकि हर प्रदेश का वातावरण , बौद्धिक विकास,और पर्यावरण अलग अलग होता है अतः उसी प्रकार से उन कथाओं में बदलाव समभाव है | कई बार एक ही तरह की कथाएँ अलग अलग क्षेत्र में अलग अलग नामों से भी प्रचलित हो जाती है , क्यूकी कई यात्री वे कथाएँ अपने सुनकर समझकर अपने साथ ले जाते हैं और अपने समाज में पहुँचकर उसे अपने आम बोलचाल के तरीके से प्रदर्शित करते हैं , जिससे की एक ही कहाँ अलग अलग क्षेत्रों में मिलती है |

भारतीय लोक कथाएँ[संपादित करें]

भारत में प्रचलित अनेक भाषाओं और विविधताओं के चलते कई प्रकार की लोक कथाएँ मौजूद है, जो हर क्षेत्र के हिसाब से अलग तरह से प्रदर्शित की जाती हैं , परंतु उनमे से कुछ खास पंचतंत्र , अकबर और बीरबल की कहानियाँ , मुल्ला नसीरुद्दीन की कहानिया , हितोपदेश आदि प्रमुख हैं |

अन्य प्रयोग[संपादित करें]

लोक कथाओं का हालिया प्रयोग बच्चों को रात को कहानी सुनने के अलावा प्रारंभिक शिक्षा के विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकों में भी किया जाता है, जिससे की बाल मन में ज्ञान का संचार आसान और सुचारु रूप से हो सके | इन कथाओं का हालिया प्रयोग shiksha