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लेविथान

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सन् 1865 में गुस्ताव डोरे द्वारा लिखित पुस्तक'लेविथान का विनाश'

लेविथान ( / l ɪ ˈ v aɪ . ə θ ən / ⓘ le- VIE -ə-thən; हिब्रू לִוְיָתָן, रोमनकृत, Līvyāṯān; ग्रीक :Λεβιάθαν लेविथान प्राचीन यहूदी धर्मग्रंथों और पौराणिक कथाओं में वर्णित एक विशालकाय समुद्री दैत्य है। यह प्राणी अराजकता, भय और विनाश का प्रतीक माना गया है। "भजन संहिता', "अय्यूब" और "यशायाह" की पुस्तकों में इसका उल्लेख मिलता है।[1], जहाँ इसे बेबीलोन की विनाशकारी शक्तियों के रूपक के रूप में देखा गया है।[2] पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह दानव संसार के अंत में अभिशप्त आत्माओं को निगलने का प्रयास करता है, अंततः स्वयं नष्ट हो जाता है। बाद की ईसाई व्याख्याओं में लेविथान को ईर्ष्या जैसे घातक पाप का प्रतीक बताया गया है। ओफाइट परंपरा में यह दैत्य उस शक्ति के रूप में वर्णित है जो समस्त भौतिक जगत को अपने घेरे में समेटे हुए है।

"अय्यूब की पुस्तक" में वर्णित लेविथान को प्राचीन कनानी दैत्य लोटन का प्रतिबिंब माना गया है[3] जिसे देवता बाल हदद ने पराजित किया था। यह कथा सुमेरियन समुद्र देवी तियामत और उसके वधकर्ता मर्दुक की कथा से मेल खाती है। तुलनात्मक पौराणिक कथाओं में यह प्रतिमान अनेक संस्कृतियों में दिखता है, जैसे भारतीय परंपरा में इंद्र द्वारा वृत्र का वध, या नॉर्स मिथक में थोर द्वारा जोर्मुंगंद्र का संहार। ये सभी कथाएँ सृजन और अराजकता के संघर्ष का प्रतीक मानी जाती हैं।

इन्हें भी देखें

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  1. गौफ, गारहम (2022-04-01). "लेविथान का रूपांतरण: अय्यूब, हॉब्स, ज़व्यागिन्त्सेव और दार्शनिक विकास।". जर्नल ऑफ फिल्म एंड रिलिजियन. 26 (1). डीओआई:10.32873/uno.dc.jrf.26.01.53. आईएसएसएन 1092-1311.
  2. मिलर, रोबर्ट डी॰ (2025). "Leviathan". In गारफियुस, ब्रांडोन आर॰; मोरेड, जॉन डब्ल्यू ॰ (eds.). "बाइबिल में वर्णित दैत्यों का संदर्भ-ग्रंथ" (ऑक्सफोर्ड). ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. pp. 174–185. डीओआई:10.1093/oxfordhb/9780197565056.013.0009. ISBN 9780197565087.
  3. चार्ल्स एफ॰ फ़िफ़र "लोतान और लेविथान"