लूज
| यह लेख लार्ज लैंग्वेज मॉडल से लिखा हुआ हो सकता है। (जुलाई 2026) |
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| सर्वोच्च नियंत्रण निकाय | अंतर्राष्ट्रीय लूज महासंघ (FIL) |
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| विशेषताएँ | |
| उपकरण | स्लेज, एयरोडायनामिक सूट, स्पाइक्ड ग्लव्स, हेलमेट |
| स्थल | कृत्रिम रूप से प्रशीतित बर्फ़ीला ट्रैक (Ice track) |
| ओलंपिक | 1964 (इंसब्रुक) से शामिल |
लूज (अंग्रेज़ी: Luge, फ्रांसीसी उच्चारण: [lyʒ]) एक अत्यंत तेज़ और रोमांचक शीतकालीन ओलंपिक खेल है। इस खेल में एथलीट एक छोटी और चपटी 'स्लेज' पर पीठ के बल लेटकर (सुपाइन स्थिति) और पैरों को आगे की ओर रखकर एक ढलान वाले बर्फ़ीले ट्रैक पर फिसलते हैं। 'लूज' शब्द मूल रूप से एक फ्रांसीसी शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'छोटा स्लेज'। बॉबस्लेय और स्केलेटन के विपरीत, लूज में एथलीट का चेहरा ऊपर की ओर होता है। इस खेल में कोई यांत्रिक ब्रेक या स्टीयरिंग व्हील नहीं होता; एथलीट केवल अपने कंधों और पिंडलियों के दबाव से स्लेज की दिशा को नियंत्रित करते हैं।[1][2][3]
इतिहास और उत्पत्ति
[संपादित करें]स्लेजिंग का उपयोग सदियों से बर्फ़ीले क्षेत्रों में परिवहन के लिए किया जाता रहा है, लेकिन इसे एक प्रतिस्पर्धी खेल का रूप 19वीं शताब्दी के अंत में स्विट्ज़रलैंड में मिला। 1870 के दशक में स्विस होटल व्यवसायी कैस्पर बद्रुट ने सेंट मोरित्ज़ में पर्यटकों के लिए पहला शीतकालीन रिसॉर्ट बनाया और यहीं से इस खेल को लोकप्रियता मिली।
1883 में स्विट्ज़रलैंड के दावोस में लूज की पहली आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसके बाद 1957 में 'अंतर्राष्ट्रीय लूज महासंघ' की स्थापना हुई। लूज को पहली बार 1964 के इंसब्रुक (ऑस्ट्रिया) शीतकालीन ओलंपिक में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया।[4][5]
उपकरण और खेल तकनीक
[संपादित करें]लूज शीतकालीन खेलों के सबसे खतरनाक खेलों में से एक है। इसमें स्लेज की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा (87 मील प्रति घंटा) तक पहुँच सकती है। इस अविश्वसनीय गति को संभालने के लिए उपकरणों और तकनीक का विशेष ध्यान रखा जाता है:
- स्लेज: यह फाइबरग्लास और स्टील से बना होता है। इसके नीचे दो स्टील के धावक होते हैं जो बर्फ पर फिसलते हैं।
- स्पाइक्ड ग्लव्स: दौड़ की शुरुआत में एथलीट बर्फ को पीछे की ओर धकेल कर गति प्राप्त करने के लिए उंगलियों पर छोटे कांटों वाले विशेष दस्ताने पहनते हैं।
- वायुगतिकी: हवा के प्रतिरोध को कम करने के लिए एथलीट बिल्कुल त्वचा से चिपका हुआ रबर सूट पहनते हैं और ट्रैक पर जाते समय अपने सिर को जितना संभव हो सके पीछे की ओर झुकाकर रखते हैं।[6]
ओलंपिक प्रारूप और नियम
[संपादित करें]शीतकालीन ओलंपिक में लूज की मुख्य रूप से चार प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं: पुरुष एकल, महिला एकल, युगल और टीम रिले।
एकल प्रतियोगिताओं में प्रत्येक एथलीट दो दिनों में चार बार ट्रैक पर उतरता है। विजेता का फैसला इन चारों रनों के कुल समय को जोड़कर किया जाता है। चूँकि इस खेल में गति बहुत अधिक होती है, इसलिए समय को एक सेकंड के हज़ारवें हिस्से (0.001 सेकंड) तक मापा जाता है। एक छोटी सी चूक या हवा का मामूली प्रतिरोध भी एथलीट को स्वर्ण पदक से वंचित कर सकता है।[7]
सुरक्षा संबंधी चिंताएँ
[संपादित करें]अत्यधिक गति और एथलीट के शरीर के खुले होने के कारण, इस खेल में दुर्घटनाओं का जोखिम हमेशा बना रहता है। 2010 के वैंकूवर शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले, जॉर्जियाई लूज एथलीट नोदर कुमारिताशविली की अभ्यास के दौरान ट्रैक से बाहर छिटककर एक पोल से टकराने के कारण मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद ट्रैक के डिज़ाइन और सुरक्षा मानकों में भारी बदलाव किए गए हैं।[8]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Bale, John. Winter Sports in the Olympic Era.
- ↑ Etymology Dictionary
- ↑ [ "Whistler's fast luge track poised risky| "Whistler's fast luge track poised risky"]
- ↑ Findling, John E.; Pelle, Kimberly D. (2004). Encyclopedia of the Modern Olympic Movement. Greenwood Publishing Group. pp. 345–348. ISBN 978-0313322785.
- ↑ "United States Luge Association"
- ↑ Skatrud, Thomas (1997). "Aerodynamics of the Luge". Journal of Sports Sciences. 15 (4): 435–442.
- ↑ "Luge - Olympic Sport and Historical Rules". International Olympic Committee (IOC).
- ↑ Wallechinsky, David; Loucky, Jaime (2009). The Complete Book of the Winter Olympics.