लियोन जौहॉक्स
| लियोन जौहॉक्स | |
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| जन्म |
1 जुलाई 1879 पैंटिन, फ़्रांस |
| मौत |
28 अप्रैल 1954 (उम्र 74 वर्ष) पेरिस, फ़्रांस |
| समाधि | पेर लाशेज कब्रिस्तान |
| जीवनसाथी |
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| पेर लाशेज कब्रिस्तान | |
| पुरस्कार |
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लियोन जौहॉक्स (1 जुलाई 1879, पेरिस, फ्रांस - मृत्यु 28 अप्रैल 1954, पेरिस) एक फ्रांसीसी समाजवादी और ट्रेड-यूनियन नेता थे। ये अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के संस्थापकों में से एक थे। उन्हें 1951 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।[1] 16 साल की उम्र से ही माचिस की फैक्ट्री में काम करने वाले जौहॉक्स जल्द ही क्रांतिकारी सिंडिकलिज़्म के प्रमुख प्रचारकों में से एक बन गए। 1906 तक वे माचिस बनाने वाले मज़दूरों की यूनियन के राष्ट्रीय सचिव बन गए। 1909 में उन्हें 'कॉन्फेडरेशन जेनेरेल डू ट्रैवेल' (सी.जी.टी.:- जनरल कॉन्फेडरेशन ऑफ़ लेबर) का महासचिव नियुक्त किया गया।
जीवन-परिचय
[संपादित करें]इनका जन्म फ्रांस के सीन-सेंट-डेनिस के पैंटिन में हुआ था। उन्हें अपने दादा और पिता से क्रांतिकारी विचार विरासत में मिले थे। उनके दादा ने 1848 की क्रांति में हिस्सा लिया था और उनके पिता उस 'कम्यून' का हिस्सा थे जिसने फ्रेंको-प्रशियन युद्ध के बाद कुछ समय के लिए पेरिस पर नियंत्रण किया था। इनके पिता ने 1880 में नगरपालिका की कम वेतन वाली नौकरी छोड़ दी और ऑबरविलियर्स में माचिस की एक फैक्ट्री में मज़दूर के तौर पर काम करने लगे। लियोन ने वहाँ बारह साल की उम्र तक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने स्कॉलरशिप पर नौ महीने तक 'लिसी कोलबर्ट' में पढ़ाई की। लेकिन जब हड़ताल के कारण उनके पिता की कमाई बंद हो गई, तो उन्हें स्कूल से हटा लिया गया। उन्होंने 'डिडरो वोकेशनल स्कूल' में एक साल बिताया, लेकिन फिर खुद और परिवार का खर्च उठाने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी।[2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Léon Jouhaux | Trade Unionist, Nobel Laureate, Socialist | Britannica". Encyclopedia Britannica (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 7 जून 2026.
- ↑ "Nobel Peace Prize 1951". NobelPrize.org. अभिगमन तिथि: 6 जून 2026.