लिट्टी चोखा

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लिट्टी चोखा एक प्रकार का व्यंजन है जो से लिट्टी तथा चोखे - दो अलग व्यंजनों के साथ-साथ खाने को कहते हैं। यह बिहार और उत्तर प्रदेश राज्य के विशेष व्यंजनो में से एक है। उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदो में जिसमें खासतौर पर आजमगढ़, अयोध्या, अम्बेडकर नगर,बस्ती में भौरी चोखा कहा जाता है [1]

लिट्टी चोखा

लिट्टी[संपादित करें]

आटे को थोड़ा घी और पानी के साथ गूंथा जाता है जिसके बाद उसमें पहले से तैयार चने के सत्तू और मसाले के मिश्रण को बीच में डाल कर गोल बना लिया जाता है। इस पहले से तैयार मिश्रण में, सत्तू को तेल, नींबू के रस, प्याज के कटे टुकड़े, लहसुन इत्यादि के साथ मिला कर थोड़ा रूखा गूंथा जाता है।

चोखा[संपादित करें]

आलू और् बैंगन (जिसका चोखा बनाना है) को उबाला अथवा आग में पका लिया जाता है। इसके बाद इसके छिलके को हटा कर उसे नमक, सरसों तेल, हरी मिर्च, प्याज, लहसुन, धनियां (पीसा हुआ) इत्यादि के साथ गूंथ लिया जाता है।

भौरी चोखा और घाटी[संपादित करें]

यह भी एक प्रकार से लिट्टी चोखा का ही एक रुप होता है पर उत्तर प्रदेश के कुछ भाग जैसे आजमगढ़, अयोध्या, अम्बेडकर नगर,बस्ती,सन्त कबीर नगर,सुल्तानपुर में इसे भौरी चोखा बोलते हैं यह लिट्टी चोखा से भी स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है यह हमेशा गोइठी या कन्डे पर बनाया जाता है और घाटी जो एक प्रकार से सत्तू तथा तेल में छानकर बनाया जाता है जो खासतौर पर आजमगढ़, अम्बेडकर नगर, अयोध्या, सुल्तानपुर,म ऊं में मिलता है

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "लिट्टी या बाटी चोखा बनाने की विधि". खबर इंडिया टीवी. 9 May 2015. मूल से 12 मई 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 मई 2016.