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लिट्टी

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लिट्टी  

लिट्टी-चोखा
उद्भव
संबंधित देश भारत
देश का क्षेत्र बिहार
व्यंजन का ब्यौरा
अन्य जानकारी चोखा

लिट्टी एक भारतीय व्यंजन है जो मुख्यतः बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय है। राजस्थान के बाटी से मिलता-जुलता यह व्यंजन आटे की लोई को सत्तू से भरकर बनाया जाता है। इसे देसी घी में डुबाकर आलू-बैंगन के चोखे के साथ खाने की परंपरा है, जिसे 'लिट्टी-चोखा' कहते हैं।

लिट्टी चोखा एक प्रकार का व्यंजन है जो से लिट्टी तथा चोखे - दो अलग व्यंजनों के साथ-साथ खाने को कहते हैं। यह बिहार और उत्तर प्रदेश राज्य के विशेष व्यंजनो में से एक है।[1]

बक्सर में पंचकोसी मेला और लिट्टी-चोखा का संबंध त्रेतायुग से है, जब भगवान राम और लक्ष्मण विश्वामित्र मुनि के साथ बक्सर आए थे। पौराणिक कथा के अनुसार, यात्रा के अंतिम दिन, यानी पाँचवें दिन, चरित्रवन में महर्षि विश्वामित्र के आश्रम में भगवान राम ने लिट्टी-चोखा खाया था। इसी परंपरा के तहत, आज भी मेले के अंतिम दिन लाखों श्रद्धालु चरित्रवन में इकट्ठा होकर लिट्टी-चोखा बनाते और खाते हैं, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। [2]

  • त्रेतायुग की घटना: ताड़का और सुबाहु का वध करने के बाद, भगवान राम और लक्ष्मण ने पाँच ऋषि-मुनियों के आश्रमों में पाँच रातें बिताईं। प्रत्येक पड़ाव पर उन्हें कुछ विशेष भोजन मिला, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
  • मेले के पाँच पड़ाव: यह पंचकोसी यात्रा पाँच दिनों तक चलती है, और प्रत्येक दिन एक अलग पड़ाव पर होती है: अहिरौली, नदांव, भभुअर, बड़का नुआंव और अंत में चरित्रवन।
  • अंतिम दिन का भोजन: यात्रा का अंतिम दिन, जो मार्गशीर्ष (अगहन) के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को होता है, चरित्रवन में समाप्त होता है। इस दिन, मान्यता के अनुसार भगवान राम ने लिट्टी-चोखा का भोग ग्रहण किया था।
  • आधुनिक परंपरा: इसी पौराणिक कथा का पालन करते हुए, आज भी पंचकोसी मेले के अंतिम दिन लाखों लोग चरित्रवन में लिट्टी-चोखा बनाते और खाते हैं। यह उनके लिए प्रसाद और एक पारंपरिक उत्सव है।

चित्र दीर्घा

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इन्हें भी देखें

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बाहरी कड़ियाँ

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सन्दर्भ

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  1. "लिट्टी या बाटी चोखा बनाने की विधि". खबर इंडिया टीवी. 9 May 2015. मूल से से 12 मई 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 9 मई 2016.
  2. Sharma, Sanjiv Kumar (2019-01-11). "A signature dish of Bihar: Litti and Chokha". MOJ Food Processing & Technology. 7 (1): 1–2. डीओआई:10.15406/mojfpt.2019.07.00210. आईएसएसएन 2381-182X.