लव जिहाद

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

लव जिहाद या रोमियो जिहाद के तहत युवा मुस्लिम लड़के और पुरुष गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार करते हैं। [1] यह शब्द भारत सन्दर्भ में प्रयोग किया जाता है किन्तु कथित रूप से इसी तरह की गतिविधियाँ यूके आदि देशों में भी हुई हैं। केरल हाईकोर्ट के द्वारा दिए एक फैसले में लव जेहाद को सत्य पाया है। [2] केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने बकायदा इस पर सदन में एक रिपोर्ट रखी। । 25 जून 2014 को मुख्यमंत्री चांडी ने विधानसभा में जानकारी दी थी कि 2667 युवतियां 2006 से लेकर अब तक प्रेम विवाह के बाद इस्लाम कबूल कर चुकी हैं। वहीं केरला कैथोलिक बिशप काउंसिल ने इससे पहले 2009 में ये आंकड़ा 4500 बताया था। इसके अलावा एक अन्य संस्था ने कर्नाटक में 30 हजार लड़कियों के लव जिहाद की होने की बात कही थी। श्री नारायण धर्म परिपालन समिति के महासचिव वेलापल्ली नतेसन ने कहा था कि उनकी संस्था को पाकिस्तान और यूके में भी इसी तरह की कोशिशों की कई शिकायतें परिवारों की तरफ से आई हैं। अक्टूबर 2009 में तत्कालीन कर्नाटक सरकार ने लव जिहाद को एक गंभीर मुद्दा माना और इसकी CID जांच के आदेश दिए। तब तत्कालीन डीजीपी जेकब पुनूज की जांच में कई मामले आए। 9 दिसंबर 2009 को केरल हाइकोर्ट के जस्टिस के टी.संकरन ने लव जिहाद के मामले में पकड़े गए दो मुस्लिम युवाओं की जमानत पर सुनवाई करते हुए कहा था कि पुलिस रिपोर्ट इस ओर इशारा कर रही है कि 3 से 4 हजार लड़िकयों के साथ इसी तरह के प्रेम संबंधों के मामले पिछले तीन-चार सालों में आ चुके हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने के भी मामले मिलते हैं। ये भी पाया गया है कि धोखे में रखकर इन लड़कियों से ये संबंध बनाए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की 26 जुलाई 2010 को प्रकाशित एक खबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीएस अच्यूतानंदन ने भी इस विषय पर चिंता जताई थी। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि पॉपूलर फ्रंट ऑफ इंडिया और कैंपस फ्रंट जैसे संगठन दूसरे धर्मों की लड़कियों को फुसलाकर उनसे शादी कर इस्लाम कबूल करवाने की साजिश रच रह हैं। 20 सालों में केरल का इस्लामीकरण करने का प्लान बना रहे हैं। वो तालीबान के अंदाज में कॉलेजों में हमला कर सकता है। दूसरे धर्मों की लड़कियों से शादी करके लव जिहाद के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकता है। ये भी जानकारियां तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दी थी कि बकायदा पैसे देकर लोगों को इस्लाम कबूल करवाया जा रहा है। ये भी पहला मौका था जब केरल में चर्च और विश्व हिंदू परिषद साथ में आए थे क्‍योंकि मुस्लिम आबादी बढ़ाने का ये मकसद हर धर्म के लोगों के धर्म परिवर्तन के जरिए पूरा किया जा रहा था। ये मुद्दा उत्तर प्रदेश में भी जमकर उठाया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई ऐसे मामले सामने आने लगे कि लव जिहाद ने उत्तर प्रदेश में भी अपने पैर पसार लिए हैं। इस तरह के किसी भी काम में शामिल लोग किसी मजहब के नहीं हो सकते हैं। इन्हें भी देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के लिए बकायदा पैसा दिया जाता है। ये भी आरोप कई संगठनों की तरफ से लगाए गए कि हाथ में कलावा और सिर पर तिलक लगाकर लव जिहादी दूसरे धर्म का होने का छलावा करते हैं। इन्हें बाइक और पैसा दिया जाता है ताकि ये लड़कियों को अपने जाल में फंसा सके। इस तरह के तमाम आरोप लगते रहे है। कहा तो ये भी गया कि ऐसे लोग किसी लड़की के पीछे दो से तीन हफ्ते का समय देते हैं और यदि लड़की उनके जाल में नहीं फंसती है, तो वो दूसरे शिकार की तरफ निकल पड़ते हैं। [3] ये एक ऐसा मामला है जिसमें लड़की और लड़की का परिवार डर जाता है, इसीलिए ज्यादातर मामले तो सामने ही नहीं आ पाते हैं। दूसरी तरफ कई लड़कियां ऐसी हो सकती हैं जिनके पास सिवाय इस सच्चाई को स्वीकारने की वो फंस चुकी हैं कोई और चारा ही नहीं होता होगा। कुछ होती हैं, जो ये बर्दाश्त नहीं कर पातीं है और आत्महत्या तक कर लेती हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Muzaffarnagar: 'Love jihad', beef bogey sparked riot flames". Hindustan Times. 12 Sep 2013. अभिगमन तिथि 2014-04-18.
  2. Britten, Nick (2001-10-17). "Children injured in school rampage". telegraph.co.uk. अभिगमन तिथि 2014-04-18.
  3. न्यूज़ 18 की 8 जून की रिपोर्ट

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]