लक्ष्मीकान्त महापात्र

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कान्तकवि लक्ष्मीकान्त महापात्र (९ दिसम्बर १८८८ - २४ फ़रवरी १९५३) ओडिया के प्रसिद्ध कवि थे। ओडिशा का राज्यगान 'बन्दे उत्कल जननी' उनकी कृति है।

उनका जन्म ओडिशा के भद्रक जिले में हुआ था।

महाकवि लक्ष्मीकान्त महापात्र बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे कवि होने के साथ ही स्वतन्त्रता सेनानी भी थे। उन्होंने ओड़िया साहित्य को नया आयाम प्रदान किया तथा हजारों लोगों को स्वतन्त्रता संग्राम से जोड़ा। इनका साहित्य हर आयु एवं वर्ग के लोगों के मन को झकझोर देता था। इसीलिए राज्य की जनता ने उन्हें ‘कान्तकवि’ की उपाधि देकर सम्मानित किया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]