रोहिणी कुमार चौधरी

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रोहिणी कुमार चौधरी (1899 - 1955) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से सम्बंधित एक असमिया राजनीतिज्ञ थे, जो असम राज्य से भारत की संविधान सभा के लिए मनोनीत किए गए थे। स्वतंत्रता के बाद चौधरी गोहाटी संसदीय सीट से पहली लोकसभा के सदस्य चुने गए थे।

जीवन परिचय[संपादित करें]

रोहिणी कुमार चौधरी का जन्म 2 अप्रैल 1899 को असम के बारपेटा में हुआ था। चौधरी ने असम के नौगोंग, गौहाटी, धुबरी में सरकारी हाई स्कूलों में पढ़ाई की और स्कॉटिश चर्च कॉलेज, प्रेसीडेंसी कॉलेज और रिपन कॉलेज से कला और कानून में डिग्री हासिल की। बाद में, वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक वरिष्ठ अधिवक्ता बने।

वह असमिया राजनीति में गहराई से शामिल थे, और 1927 से 1945 तक असम विधायिका के सदस्य बने।

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका, संविधान निर्माण में भूमिका[संपादित करें]

चौधरी असम में असहयोग आंदोलन के नेताओं में से एक थे। उन्हें असम से कांग्रेस पार्टी की ओर से संविधान सभा के मनोनीत किया गया। सभा में उनके द्वारा नागरिकता, भेदभाव और अस्पृश्यता जैसे मुद्दों पर हस्तक्षेप किया गया था

स्वतंत्रता के बाद[संपादित करें]

स्वतंत्रता के बाद चौधरी 1952 के संसदीय चुनावों में असम की गोहाटी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। लेकिन वह अपना संसदीय कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए, और 16 दिसंबर 1955 को निधन हो गया।