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रोड्डा कंपनी के हथियारों की डकैती

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रोड्डा कंपनी के हथियारों की डकैती 26 अगस्त 1914 को कलकत्ता में हुई थी। अनुशीलन समिति के युगान्तर गुट के सदस्यों ने कलकत्ता के एक बंदूक डीलर 'मेसर्स रोड्डा एंड कंपनी' के मौसर पिस्तौल और गोला-बारूद के एक खेप को रोक कर उसमें से बहुत सारा हथियार लूट लिया। उस समय ये हथियार सीमा शुल्क घर से कंपनी के गोदाम जा रहे थे।[1][2] यह डकैती एक सनसनीखेज घटना थी, जिसको द स्टेट्समैन ने "दिन के उजाले में सबसे बड़ी डकैती" के रूप में वर्णित किया था।[1] इन लूटे गये पिस्तौल और गोला-बारूद को बंगाल के राष्ट्रवादियों ने बाद के वर्षों में अपनी क्रान्तिकारी गतिविधियों में उपयोग किया। 1922 तक पुलिस ने चोरी किए गए अधिकांश हथियार बरामद कर लिए थे।

सन्दर्भ

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  1. 1 2 "Kolkata's 'greatest daylight robbery' all but forgotten". The Statesman. 25 August 2013. मूल से से 21 September 2016 को पुरालेखित।.
  2. Sarkar 1983 In Bengal, the revolutionaries achieved a major success in August 1914, when a large consignment of 50 Mauser pistols and 46,000 rounds of ammunition was appropriated by them from the Rodda firm in Calcutta through a sympathetic employee.