रैटलस्नेक

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Rattlesnake
Crotalus cerastes mesquite springs CA.JPG
Crotalus cerastes
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: Animalia
संघ: Chordata
वर्ग: Reptilia
गण: Squamata
उपगण: Serpentes
कुल: Viperidae
उपकुल: Crotalinae
Genera

Crotalus Linnaeus, 1758
Sistrurus Garman, 1883

रैटलस्नेक क्रोटैलस और सिस्ट्रूरस वंश के विषैले साँपों का एक समूह है। इनका संबंध क्रोटैलिनी (पिट वाइपर) नामक विषैले साँपों के उपवर्ग से है।

विवरण[संपादित करें]

रैटलस्नेक की लगभग तीस प्रजातियाँ और कई उप-प्रजातियाँ मौजूद हैं। इनकी पूँछ के अंत में रैटल (खड़खड़ाहट) वाली एक संरचना मौजूद होने के कारण इन्हें यह नाम दिया गया है। रैटल का इस्तेमाल खतरा उत्पन्न होने पर एक चेतावनी उपकरण के रूप में किया जाता है। वैज्ञानिक नाम क्रोटैलस यूनानी शब्द κρόταλον से बना है जिसका मतलब है "कास्टानेट (castanet)". सिस्ट्रूरस नाम "पूँछ खड़खड़ाने वाला (टेल रैटलर)" (Σείστρουρος, Seistrouros) के लिए ग्रीक शब्द का लैटिनीकृत स्वरूप है और इसका मूल प्राचीन मिस्र के संगीत उपकरण, सिस्ट्रम में समाहित है जो रैटल का एक प्रकार है। ज्यादातर रैटलस्नेक वसंत के मौसम में जोड़ा बनाते हैं। सभी प्रजातियाँ अंडे देने की बजाय जीवित बच्चों को जन्म देती हैं। छोटे बच्चे जन्म से ही आत्मनिर्भर होते हैं। चूंकि जन्म के बाद इन्हें अपनी माँ की जरूरत नहीं होती है, इसीलिये माँ अपने बच्चों के साथ नहीं रहती है। हालांकि कम से कम एक कैद साँप के अध्ययन ने यह दिखाया है कि मादाएं और उनके नवजात शिशु एक दूसरे के साथ के लिए कुछ हद तक आकर्षण दिखाते हैं और अलग-अलग कर दिए जाने पर पुनर्मिलन के लिए बाधाओं को पार कर जाते हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

लोकप्रिय मिथक के विपरीत, रैटलस्नेक बहरे नहीं होते हैं। वास्तव में, इनके भीतरी कान की संरचना बहुत हद तक अन्य सरीसृपों के सामान होती है। हालांकि इनके पास बाहरी कान नहीं होते हैं। साँप के भीतरी कान में आवाज (चाहे हवा से या जमीन से कंपन) शरीर की अन्य संरचनाओं में कंपन के जरिये संचारित होती है।[1]

विस्तार[संपादित करें]

रैटलस्नेक्स अमेरिका के मूल निवासी होते हैं जिनकी बहुत सी प्रजातियाँ दक्षिण-पश्चिम अमेरिका और मेक्सिको में पायी जाती हैं। विशेष रूप से एरिज़ोना प्रांत में किसी भी अन्य प्रांत की तुलना में अधिक प्रजातियाँ मिलती हैं। चार प्रजातियाँ मिसिसिपी नदी के पूर्व में और केवल दो प्रजातियाँ दक्षिण अमेरिका में पायी जा सकती हैं।

शिकार[संपादित करें]

रैटलस्नेक मूसों, चूहों, छोटे पक्षियों और अन्य छोटे प्राणियों को खाते हैं।[2] ये अपने शिकार को जकड़ने की बजाय एक विषैले डंक से तुरंत अपने वश में कर लेते हैं। यह विष विशेष प्रकार के शिकार को तुरंत अचेत कर देता है या मार देता है। रैटलस्नेक का विष 20 सेकंडों में मार सकता है[कृपया उद्धरण जोड़ें], लेकिन एक रैटलस्नेक विष से तुरंत वश में नहीं आने वाले और भागने की कोशिश करने वाले शिकार का पीछा करता रहेगा.[कृपया उद्धरण जोड़ें] रैटलर अपने शरीर की लंबाई की दो-तिहाई दूरी से शिकार करने के लिए जाने जाते हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

प्रजनन[संपादित करें]

हालांकि कई प्रकार के साँप और अन्य सरीसृप अंडज (ओविपेरस) (अंडे देने वाले) होते हैं, रैटलस्नेक ओवोविविपेरस (अंडों को शरीर के अंदर सेने वाले) होते हैं - मादाएं अंडों को अपने शरीर में रख लेती हैं और उनके जन्म तक या उसके तुरंत बाद तक उन्हें सेती रहती हैं; या फिर ये विविपेरस (जीवित बच्चों को जन्म देने वाले) होते हैं। साँप के बच्चे अंडे से निकलने या जन्म के तुरंत बाद चलने के लिए तैयार हो जाते हैं। नवजात साँपों की बहुत कम या कोई पैतृक देखभाल नहीं की जाती है।

रैटल[संपादित करें]

रैटलस्नेक का एक रैटल
रैटल का आरेखण
रैटलस्नेक रैटल

रैटल निलयकृत, खोखले मोतियों की एक श्रृंख्ला से बने होते हैं जो असल में पूँछ के अंतिम सिरे के रूपांतरित शल्क होते हैं। जितनी बार साँप अपना केंचुल उतारता है रैटल का एक नया खंड जुड़ जाता है। ये एक साल में कई बार अपनी केंचुल उतार सकते हैं जो इनकी भोजन आपूर्ति और विकास दर पर निर्भर करता है। नवजात रैटलस्नेक (प्री-बटन) के पास सक्रिय रैटल नहीं होते हैं; यह तब तक विकसित नहीं होता है जब तक कि ये पहली बार अपनी केंचुल नहीं उतार देते हैं जिससे इन्हें एक अतिरिक्त मोती प्राप्त हो जाता है, जो बटन के रूप में जाने जानेवाले पहले मनके के साथ बजने लगता है और खड़खड़ाहट की आवाज पैदा करता है। वयस्क साँप किसी कारणवश अपने रैटलों को गँवा देते हैं, लेकिन प्रत्येक बार केंचुली उतारे जाने पर और अधिक रैटल बन जाते हैं। जब रैटल गीले मौसम में पर्याप्त पानी अवशोषित कर लेता है, तो यह आवाज पैदा नहीं करता है।

सुरक्षा और पहचान[संपादित करें]

रैटलस्नेक का बच्चा फुटपाथ पर धूप सेंकते हुए - डेल वैले रीजनल पार्क, लिवरमोर, सीए (CA)
कैलिफोर्निया में जुवेनाइल सदर्न पैसिफिक रैटलस्नेक

रैटलस्नेक की विभिन्न प्रजातियों के आकार, क्षेत्र, चिह्नों और स्वभाव में काफी भिन्नता होती है। अगर रैटलस्नेक को घेर नहीं लिया गया हो या डराया नहीं गया गया हो, तो इंसानों का सामना होने से आम तौर पर ये भाग जाने की कोशिश करते हैं। ये सांप अक्सर तभी काटते हैं जब लोग इन्हें डराते या उकसाते हैं। रैटलस्नेक को उकसाते समय इसके दंश का शिकार होने वाले लोगों ने अक्सर इसकी उस लंबाई (इसकी कुल लंबाई का तकरीबन दो-तिहाई) और रफ़्तार को कम करके आंका होता है जिसके अनुसार एक कुंडलित साँप हमला कर सकता है (इंसानी आँख द्वारा पीछा किये जाने से कहीं अधिक तेज). रैटलस्नेक के शरणस्थली समझे जाने वाले क्षेत्रों में पैदल चलने वाले यात्रियों को चमड़े या कैनवास से बने भारी जूते और लंबे पैंट पहनने की सलाह दी जाती है।

पुस्तक विक्रेताओं, पुस्तकालयों और स्थानीय संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन एजेंसियों की सहायता से मार्गदर्शिकाएँ उपलब्ध कराई गयी हैं जो पैदल यात्रियों और शिविरकों को रैटलस्नेक की पहचान करने में मदद करते हैं। रैटलस्नेक को दूर से देखकर और उसके करीब ना जा कर इनके संपर्क से बचने की सलाह दी जाती है। पैदल यात्रियों को जमीन पर पड़ी हुई लकड़ियों या पत्थरों से और धरती पर उभरे हुए चट्टानों एवं तलशिलाओं से होकर गुजरते समय विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी जाती है, जहाँ रैटलस्नेक छिपे हो सकते हैं या धूप सेंकने के लिए बैठे हो सकते हैं। हालांकि, साँप कभी-कभी खुद को शिकार का पीछा करने के क्रम में धूप सेंकते हो सकते हैं, इसीलिये उस तरह के क्षेत्र ही सिर्फ ऐसे स्थान नहीं होते हैं जहाँ उनका सामना होने की संभावना रहती है। किसी रास्ते पर रैटलस्नेक का सामना होने पर, पैदल यात्रियों को उनसे दूरी बनाए रखने और साँप को निकलने के लिए पर्याप्त जगह देने की सलाह दी जाती है।

सर्प दंश[संपादित करें]

इन्हें भी देखें: Snakebite
कैलिफोर्निया में रैटलस्नेक की चेतावनी एक संकेत

रैटलस्नेक पूरी तरह कार्यशील विषैले दांतों के साथ पैदा होते हैं जो विष चुभोने में सक्षम होते हैं और काटते समय विष की पर्याप्त मात्रा शरीर के भीतर डाल सकते हैं। आम तौर पर ये अपने शिकार को विष की एक पूरी खुराक देते हैं, लेकिन रक्षा करते हुए काटने पर विष की नगण्य या थोड़ी सी मात्रा दे सकते हैं। एक भयभीत या घायल साँप इस तरह के नियंत्रण का आचरण नहीं कर सकता है। छोटे साँप भी खतरनाक होते हैं[3] और वयस्कों की तुलना में इनके साथ किसी भी तरह से कम सावधानी नहीं बरती जानी चाहिए.

विषाक्तता[संपादित करें]

रैटलस्नेक की ज्यादातर प्रजातियों के पास हिमोटोक्सिक विष पाया जाता है जो ऊतकों को नष्ट करते हैं, अंगों को विकृत करते हैं और कोगुलोपैथी (खून का थक्का ज़मने से रोक देना) का कारण बनते हैं। एक विषैले दंश की स्थिति में यहाँ तक कि तुरंत, प्रभावी इलाज के बावजूद कुछ हद तक स्थायी निशान बन जाने की बहुत अधिक संभावना रहती है और एक गंभीर विषाक्त दंश के साथ-साथ विलंबित या अप्रभावी इलाज किसी अंग के नुकसान या मौत का कारण भी बन सकता है। रैटलस्नेक की विशेष रूप से बड़ी प्रजातियों का अनुपचारित दंश घातक हो सकता है। हालांकि, समय पर विष-रोधक का प्रयोग मृत्यु दर को 4% से कम कर देता है। यह अनुमान है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल 7000 से 8000 के बीच लोग विषैले साँपों के दंश का शिकार होते हैं और उनमें से लगभग पाँच लोगों की मौत होती है।[4] रैटलस्नेक द्वारा काटे जाने वालों में लगभग 72% पुरुष होते हैं।[5]

कुछ रैटलस्नेक, विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय प्रजातियों में न्यूरोटोक्सिक विष पाया जाता है। इन साँपों का एक दंश तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है या इसके कुछ हिस्से काम करना बंद कर सकते हैं। अमेरिका में एरिजोना और कैलिफोर्निया के कुछ हिस्सों में पाए जाने वाले मोहवी रैटलस्नेक (क्रोटैलस स्कुटूलैटस) के पास एक न्यूरोटॉक्सिक विष होता है जिसे मोहवी टाइप ए टॉक्सिन के नाम से जाना जाता है। क्रोफैब (CroFab) के नाम से जाने जाने वाले मौजूदा विषरोधक, (अक्टूबर 2000 में एफडीए (FDA) द्वारा अनुमोदित) में मोहवी ए और बी टॉक्सिनों की साथ-साथ अमेरिका के ज्यादातर अन्य पिट वाइपरों के लिए एंटीबॉडीज पाए जाते हैं। कई बार रैटलस्नेक की अन्य प्रजातियों के विष में मोहवी ए टॉक्सिन मौजूद होने की पहचान की गई है। न्यूरोटॉक्सिन तंत्रिका संबंधी लक्षण, पक्षाघात के कारण बन सकते हैं और श्वसन संबंधी अवरोध के परिणाम स्वरूप मौत भी हो सकती है।

आम किंगस्नेक (लैम्प्रोपेल्टिस गेटुला), एक संकुचित होने वाला साँप, रैटलस्नेक और अन्य वाइपरों के विष के प्रति काफी हद तक प्रतिरक्षी होने के लिए मशहूर है,[6] और इसीलिए रैटलस्नेक जंगल में इस साँप के स्वाभाविक आहार का एक हिस्सा होते हैं।

टिम्बर रैटलस्नेक (क्रोटैलस हॉरिडस)

प्राथमिक चिकित्सा[संपादित करें]

साँप द्वारा काटे जाने के समय चुभाई गयी विष की मात्रा का पता आसानी से नहीं लगाया जा सकता है। लक्षण और सूजन कुछ ही मिनटों के अंदर दिखाई देने लगते हैं और संभवतः तेजी से जीवन के लिए खतरा बन जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर प्रभाव दिखाई देने में कई घंटे लग सकते हैं।

अनुभवी स्वास्थ्य कर्मी आम तौर पर शरीर में विष डालने को कई चरणों में देखते हैं जो 0, यानी जब विष का कोई प्रमाण नहीं दिखाई देता है, से लेकर 5 तक, यानी जब विष जीवन के लिए खतरा बनने वाली मात्रा में मौजूद होता है। अलग-अलग चरण विषैले दांतों के निशान के आसपास चोट और सूजन की स्थिति और चोट एवं सूजन का असर बढ़ने की गति को दर्शाते हैं। अधिक गंभीर विष दंश के मामलों (चरण 4 या 5) में कुछ करीबी लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जैसे कि होंठ-थरथराना, चक्कर आना, खून बहना, उल्टी या सदमा. साँस लेने में कठिनाई, पक्षाघात, लार बहना और बहुत अधिक रक्तस्राव होना भी इसके आम लक्षण हैं।

त्वरित चिकित्सीय देखरेख महत्वपूर्ण होती है और उपचार के क्रम में उत्तकों के विनाश, तंत्रिका संबंधी प्रभावों और रैटलस्नेक के विष के मामले में सामान्यतः रक्त का थक्का ज़मने संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए आम तौर पर विषनाशक/विषरोधक (एंटीवेनिन/एंटीवेनम) की आवश्यकता होती है। ज्यादातर चिकित्सा विशेषज्ञ दंश की जगह को हृदय के स्तर से नीचे रखने की सलाह देते हैं। सर्पदंश के शिकार व्यक्ति के दिल की धड़कन को बढ़ने से रोकने और उसके शरीर में विष का फैलाव तेज होने से बचाने के क्रम में उसे शांत रखना महत्वपूर्ण है। अप्रशिक्षित व्यक्तियों को सर्प दंश की जगह पर या इसके आसपास चीरे बनाने, या टर्निकेट का इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दोनों ही उपचार स्वयं सर्प दंश से कहीं अधिक घातक हो सकते हैं।

रैटलस्नेक के किसी भी दंश को प्राण-घातक चिकित्सकीय आपात स्थिति के रूप में समझा जाना चाहिए जिसके लिए तुरंत प्रशिक्षित पेशेवर व्यक्तियों के हाथों अस्पताल की चिकित्सा दिलाने की जरूरत होती है।

रैटलस्नेक का विषरोधक[संपादित करें]

एएचसी, एलएलसी (AHC, LLC) रैटलस्नेक का एक नया विषरोधक (विषनाशक) विकसित करने में मदद कर रही है। एफ (एबी)2 (F(ab)2) विषरोधक (क्रोटैलस ड्यूरिसस और बोथ्रोप्स एस्पर) का इस्तेमाल कर 74 कुत्तों पर हाल ही में किये गए एक तुलनात्मक अध्ययन ने एक व्यापक स्तर की सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रभावशीलता का प्रमाण दिया.[7]

मानव उपभोग[संपादित करें]

रैटलस्नेक कुछ दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी अमेरिकन व्यंजनों में एक लोकप्रिय आहार हैं और कभी-कभी इन्हें विशिष्ट मांस की दुकानों में भी बेचा जाता है।[8] एक विक्रेता द्वारा इसके जायके को "स्वादिष्ट" और "चिकन जैसा" बताया गया है;[9] और पत्रकार एलिस्टेयर कुक इसे "बिलकुल चिकन की तरह, सिर्फ थोड़ा कड़ा" बताते हैं।[10] अन्य लोगों ने इसके जायके की तुलना विस्तृत श्रेणी के अन्य मांसों से की है जिनमें बछड़ा, मेंढक, कछुआ, बटेर, मछली, खरगोश और यहाँ तक कि डिब्बाबंद ट्यूना मछली भी शामिल है।[11]

क़ैद में रखना[संपादित करें]

रैटलस्नेक को निजी तौर पर पालने में जाहिर तौर पर कई तरह के जोखिम होते हैं। इसके एक दंश से मृत्यु या स्थायी अपंगता हो सकती है। यहाँ तक कि एक गैर-प्राणघातक दंश भी आपातकालीन चिकित्सकीय देखरेख पर अत्यधिक खर्च का कारण बन सकता है।[12] कुछ न्यायालयों ने विषैले साँपों को पालना गैरकानूनी बताया है। जहाँ यह वैध है, इसके लिए कई तरह के लाइसेंस या बीमा पॉलिसी की आवश्यकता हो सकती है।[13]

मीडिया[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • रैटलस्नेक की प्रजातियों और उप-प्रजातियों की सूची
  • क्रोटैलिन प्रजातियों और उप-प्रजातियों की सूची

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Hartline, Peter H. (1971). "Physiological Basis for Detection of Sound and Vibration in Snakes". Journal of Experimental Biology. 54: 349–371.
  2. http://www.desertusa.com/may96/du_rattle.html
  3. Scott A. Smith (Fall 2006). "Season of the Snake: Fall Encounters with Maryland's Reclusive Reptiles" (PDF). The Maryland Natural Resource. Maryland Department of Natural Resources. अभिगमन तिथि 2010-04-. |accessdate= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद) 24
  4. Henkel, John. "For Goodness Snakes! Treating and Preventing Venomous Bites" (PDF). Reptiles. USDA / emergency response. अभिगमन तिथि 15 जून 2009.
  5. O'Neil ME, Mack KA, Gilchrist J, Wozniak EJ (2007). "Snakebite injuries treated in United States emergency departments, 2001-2004". Wilderness Environ Med. 18 (4): 281–7. PMID 18076294. डीओआइ:10.1580/06-WEME-OR-080R1.1.
  6. कॉमन किंगस्नेक (डेजर्ट यूएसए (DesertUSA))
  7. इंटरनेशनल वेटरिनरी इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर सिम्पोजियम और यूरोपियन वेटरिनरी एंड क्रिटिकल केयर सोसायटी एनुअल कांग्रेस, 2010 का सारांश
  8. Liner, Ernest A. (2005). The Culinary Herpetologist. Bibliomania. पृ॰ 2. OCLC 61458133. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781932871067. अभिगमन तिथि 14 मई 2009.
  9. "What Things Taste Like" (PDF). exoticmeats.com. Exotic Meats USA. अभिगमन तिथि 14 मई 2009. |work= में बाहरी कड़ी (मदद)
  10. Cooke, Alistair (1980). The Americans: fifty talks on our life and times. Knopf. पृ॰ 183. OCLC 5311048. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780394503646. अभिगमन तिथि 14 मई 2009. To the goggling unbeliever Texans say—as people always say about their mangier dishes—'but it's just like chicken, only tenderer.' Rattlesnake is, in fact, just like chicken, only tougher.
  11. Klauber, Laurence Monroe (1997). Rattlesnakes: their habits, life histories, and influence on mankind. University of California Press. पृ॰ 1055. OCLC 39523012. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780520210561. अभिगमन तिथि 14 मई 2009. नामालूम प्राचल |coauthors= की उपेक्षा की गयी (|author= सुझावित है) (मदद)
  12. Kenneth L. Duke, Jr. (सितंबर 22, 2006). "My Disagreement with a "Scute"". VenomousReptiles.org.
  13. "Keeping Captive / Exotic Wildlife". Massachusetts Department of Fish and Game. अभिगमन तिथि 19 अप्रैल 2009.
  • Rubio, Manny (1998). Rattlesnake: Portrait of a Predator. Washington, D.C: Smithsonian Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1-56098-808-8.
  • आर. बर्टन, एमडी; इमरजेंसी मेडिसीन. विष और विषाक्त पदार्थों पर व्याख्यान देते हैं। 1989.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]