रिजनल औडॉनटोडिसप्लेसिया

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रिजनल औडॉनटोडिसप्लेसिया एक विकीर्ण प्रकार की असामान्यता है जो की किसी-किसी दांत में पाई जाती है। दांतों की यह समस्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी नहीं जाती। यह समस्या महिलओं में अधिकतर देखी जाती है। दांतों की इस समस्या में डेनटाईन, पल्प और इनेमल पर असर होता है जिससे दांतों की विकसति नहीं हो पाती। इस समस्या के कारण दांत बहुत ही नाजुक हो जाते हैं। रेडियोग्राफी में दांत अत्याधिक रडियोलुसेंट नजर आते हैं। इसलिए रिजनल औडॉनटोडिसप्लेसिया से प्रभावित दांतों को घोस्ट दांत भी बोला जाता है।

इलाज[संपादित करें]

विकसित दांतों में अगर रिजनल औडॉनटोडिसप्लेसिया देखा जाता है तो उस स्थिति में दांतों का अंडोडॉनटिक्स करना जरूरी होता है। और अगर रिजनल औडॉनटोडिसप्लेसिया के प्रभाव से दांत विस्फोट नहीं हो पाते तो उस स्थिति में दांतों को आंशिक रूप से डीनेचर करके उसका इलाज किया जाता है। [1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Kahn, Michael A. Basic Oral and Maxillofacial Pathology. Volume 1. 2001