राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केन्द्र, पुणे

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राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केन्द्र, पुणे (एनसीसीएस) पशु सेल संवर्धन के राष्ट्रीय आधान के रूप में स्थापित किया गया था। इसके पास पशु ऊतक संवर्धन में जनशक्ति विकास कार्यक्रमों का आयोजन करने, शोर्धकत्ताओं और जैवरासायनिक विज्ञान में संस्थानों को अवसंरचनात्मक सुविधाएँ प्रदान करने और संबंधित क्षेत्रों में स्टेट-आफ-दी-आर्ट अनुसंधान व विकास का आयोजन करने का अधिदेश भी है।


कोशिका आधान[संपादित करें]

यह सुविधा देश में कई अनुसंधान संस्थानों को कई सेल संवर्धनों और विभिन्न सेल लाइनों को प्रदार कर रही है। हाइब्रिडोमास सहित 25 विभिन्न प्रजातियों से प्राप्त एकत्रित संवर्धन की संख्या 1127 तक बढ ग़ई है।


अनुसंधान[संपादित करें]

वर्तमान में संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में मूलभूत अनुसंधान का कार्य कर रहा है। बोनमैरो के लिए क्रायो संरक्षण प्रौद्योगिकी, जलन नेवी और विटिलिगो के मामलों में प्रत्यारोपण के लिए जैव-इक्वालैंट स्किन व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण इनवर्टब्रेट्स और वर्टीबरेट्स से सेल कल्चर का विकास, सटेरिया, डीजीटाटा एण्टीजन के आईजीजी4 एण्टीबडीज के लिए स्थानिक और गैर-स्थानिक सेरा, मेलानोमा ओनकोजींस की पहचान करना, इपीथीलियल मेसनचयमूल ट्रांसशिन, मानव इनटैस्टीनन मेसनचयमल कोशिकाओं के साथ आण्विक और सेलुलर इन्टरएकश्ग्न लिपोपाली सचराइड पर इनविट्रो अध्ययन, हेमोजयन का अध्ययन और फीटसिस पर प्रोटीन अल्ट्रेशन का प्रभाव जिनकी मात्रा गैरस्टेशन के पूरक समय लो प्रोटीन डायट पर निर्भर होती है।


उत्पादप्रक्रिया के विकास की ओर प्रमुख उपलब्धियाँ[संपादित करें]

  • स्टेम सेल बैंकों की स्थापना करने के लिए बोन मैरो का क्रायो संरक्षण।
  • तेज और लगातार लीवर के फेल हो जाने के मामले में जैव-कृत्रिम लीवर स्पोर्ट मशीन को तैयार करने के लिए कल्चरड फीटल हेपओसाइटस।

संस्थान वैज्ञानिक आधार के सृजन करने में लगा हुआ है और फंडामेंटल अनुसंधान और टैनीजीबल पब्लिक उपयोगिता के लिए प्राप्त समाधानों की खोज में अपनी गतिविधियाँ केन्द्रित कर रहा है। वैज्ञानिक समुदाय को अपनी सेवाएं प्रदान करके केन्द्र ने मूलभूत अनुसंधाना में बड़ी अच्छी प्रगति की है।