राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल

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भारत में एनडीआरएफ की उपस्थिति

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और नागरिक सुरक्षा एक पुलिस बल है जिसका निर्माण ''डिज़ास्टर मैनेज़मेंट ऐक्ट २००५'' के कानून के तहत किसी आपातकाल या आपदा के समय विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता के साथ संगठित हो कर प्रभावितों और हताहतों के भले के लिए काम करना है। : खंड 44-45   भारत में आपदा प्रबंधन की शीर्ष संस्था एनडीएमए यानि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एथॉरिटी है जिसका मुखिया प्रधानमंत्री होता है। 

भारत के संघीय ढाँचे में आपदा प्रबंधन का जिम्मा राज्य सरकार के कंधे पर होता है। केंद्र में गृह मंत्रालय, भारत सरकार सभी राज्य इकाईयों में समन्वय का काम करती है।

बेहद गंभीर आपदाओं में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वो प्रभावित राज्य के आग्रह पर सैन्य बल, एनडीआरएफ़, वैज्ञानिक उपकरण, आर्थिक मदद, केंद्रीय पैरामिलिट्री बल व अन्य तमाम तरह की विशाल स्तर की मदद राज्य में भेजे।

प्रबंध और नियंत्रण[संपादित करें]

महाराष्ट्र में स्थित राष्ट्रीय आपातकाल परिचालन केंद्र (NEOC) का कार्य चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हुए आपदा जैसी परिस्थियों का पुर्वानुमान लगाना है। इसका काम केंद्रीय पर्यावरण संस्थाओं जैसे की मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग, पर्वत व हिमस्खलन अनुसंधान संस्थान और तमाम अन्य से मौसम संबंधी जानकारियाँ व आंकणे जुटाकर उन पर अनुसंधान करना है और काम लायक सूचना बनानी होती है। इन सभी सूचनाओं को इकठ्ठा कर के एक प्रतिवेदना बनाई जाती है और संबंधित राज्यों व केंद्रीय मंत्रालयों को भेज दी जाती है। मॉनसून के मौसम के महीनों में प्रतिदिन ऐसी सूचनाएँ राज्यों व केंद्रिया इकाइयों को देनी जरूरी होती हैं। एनईओसी अपने द्वारा जुटाई गयी सूचनाओं को आमजनों के लिये अपनी वेबसाईट पर भी मुहैया कराती है।

राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) एनडीएमए के अंतर्गत कार्य करती है। एनडीआरएफ के शीर्ष अधिकारी को डाएरेक्टर ज़नरल कहते हैं। एनडीआरएफ के डाएरेक्टर ज़नरल आईपीएस अधिकारी होते हैं जो भारतीय पुलिस बलों में से चुनेगये होते हैं। डाएरेक्टर ज़नरल सेना के तीन सितारे वाले जनरल की तरह वेशभूषा और बिल्लापहनते हैं।

एनडीआरएफ एक ऐसी संस्था है जिसमें डीजी के साथ साथ कई इंस्पेक्टर जनरल और उप इंस्पेक्टर जनरल भी होते हैं जो सैन्य अधिकारियों की तरह की वेशभूषाएँ और पदवियाँ धारण करते हैं। 

संघटक[संपादित करें]

एनडीआरएफ की बटालियने देश भर में ९ विभिन्न स्थानों पर तैनात रहती है। जिन क्षेत्रों में आपदा आने की संभावनाएँ ज्यादा रहती है वहाँ से एनडीआरएफ के दलों को नज़दीक रखा जाता है ताकि प्रतिक्रिया समय घटाया जा सके। किसी आने वाली आपदा की पूर्व सूचना मिलते ही ये बल राज्य अधिकारियों की मंजूरी से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा दिये जाते है ताकि आने वाली मुसीबत से लोगो को पहले ही बचाया जा सके। एनडीआरएफ बटालियनों की वर्तमान चौकियाँ निम्न क्षेत्रों में हैं।

क्रम संख्या एनडीआरएफ बटा. राज्य सीपीएफ
1 एनडीआरएफ गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश आईटीबीपी
2 एनडीआरएफ, भटिंडा पंजाब आईटीबीपी
3 एनडीआरएफ, कोलकाता
4 एनडीआरएफ बटा., गुवाहाटी असम सीसुब
5 एनडीआरएफ बटा., मुन्डाली उडीसा सीआईएसएफ
6 एनडीआरएफ बटा., अराकोरम तमिलनाडु सीआईएसएफ
7 एनडीआरएफ बटा., पुणे महाराष्ट्र सीआरपीएफ
8 एनडीआरएफ बटा., गाँधीनगर गुजरात सीआरपीएफ
9 एनडीआरएफ बटा., पटना (निर्माणाधीन) बिहार सीसुब
10 एनडीआरएफ बटा., विजयवाणा(निर्माणाधीन) आन्ध्र प्रदेश सीआरपीएफ

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]