रामफल मंडल

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शहीद रामफल मंडल

अमर शहीद रामफल मंडल (6 अगस्त 1924 - 23 अगस्त 1943) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थें। दिनांक 23 अगस्त 1943 को इन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा फाँसी दे दिया गया। इन पर 24 अगस्त 1942 को बाज़पट्टी चौक पर अंग्रेज सरकार के तत्कालीन सीतामढ़ी अनुमंडल अधिकारी हरदीप नारायण सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर राममूर्ति झा, हवलदार श्यामलाल सिंह और चपरासी दरबेशी सिंह को गड़ासा से काटकर हत्या करने का आरोप था।[1][2]

शहीद सम्मान[संपादित करें]

29 जून 2018 को उदय मंडल के नेत्रित्व में 11 सद्सीय समिति का गठन कर तत्कालीन गृहमंत्री (वर्तमान रक्षामंत्री) श्री राजनाथ सिंह के आवास (दिल्ली) पर सुबह 10:00 बजे ज्ञापन सौंपा गया जिसमे शहीद रामफल मंडल जी को राष्ट्रीय स्तर पर शहीद सम्मान देने की मांग की गई एवं उनसे जुडी हुई दस्तावेज उपलब्ध करवाया गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "ऐतिहासिक होगा अमर शहीद रामफल मंडल का शहादत समारोह". दैनिक जागरण. अभिगमन तिथि 20 अगस्त 2016.
  2. "वर्तमान बिहार के प्रथम बिहारी अमर शहीद रामफल मंडल". dhanuk.com. जून 21, 2016. अभिगमन तिथि 15 जनवरी 2017.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]