राजेंद्र सिंह रहेलू

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राजेंद्र सिंह रहेलू
व्यक्तिगत जानकारी
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म 22 जुलाई 1973 (1973-07-22) (आयु 46)
मेहसामपूर ,जालंधर ,पंजाब, भारत
निवास मेहसामपूर ,जालंधर ,पंजाब, भारत
ऊंचाई 1.50 मीटर (4 फीट 11 इंच)
खेल
देश Flag of India.svg भारत
खेल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग
कोच विजय बी. मुनीश्वर (राष्ट्रीय प्रशिक्षक)

राजेंद्र सिंह रहेलू (जन्म 22 जुलाई 1973) भारतीय पैरालंपिक पावरलिफ्टर हैं। उन्होंने 56 किलो वर्ग की श्रेणी में 2004 मे अथेन्स के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता। उन्होंने बीजिंग में 2008 के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतिम परिणाम में पांचवें स्थान पर रहे। रहेलू ने लन्दन में 2012 ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया परन्तु 175 कि.ग्र. वज़न उठाने के अपने तीनों प्रयासों में विफल रहे।[1] 2006 में इन्हे अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

रहेलू का जन्म 22 जुलाई 1973 को पंजाब के जालंधर जिले के मेहसपुर गांव के एक कश्यप राजपूत परिवार में हुआ।[2] वे पांच भाइ-बहिनों में सबसे छोटे हैं। उनके दो भाई और दो बहनें हैं।[3] उनके पिता रतन सिंह एक बैंडमास्टर के रूप में काम करते थे और उनकी मां एक नौकरानी थी। रहेलू शिशु पक्षाघात से पीड़ित है। उनका विवाह जस्विंदर कौर के साथ हुआ है और उनकी रिधिमा नाम की एक बेटी है।[4]

पावरलिफ्टिंग[संपादित करें]

उच्च माध्यमिक शिक्षा समाप्त करने के बाद, रहेलु ने पढाई छोड़ दी और अपने मित्र रितेश चन्द्र मुधीरज (जो कि स्वयं एक पावरलिफ्टर हैं) से प्रेरित हो कर पॉवरलिफ्टिंग शुरू कर दी।[3] 1996 में पवन गोनेल्ला उनके प्रशिक्षक थे। उन्होंने अपने पहले बेंच प्रेस प्रयास पर 70 किलोग्राम उठाया और छह महीने के भीतर वह 115 किलोग्राम उठाने में सक्षम थे। उन्होंने 1997 में पंजाब ओपन मीट में पावरलिफ्टिंग में अपना पहला खिताब जीता। अगस्त 1998 में, उन्होंने हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप जीती।[5]

रहेलू ने ग्रीस के एथेंस में 2004 के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक्स में 56 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा की। 157.5 किलो वजन का भार उठाने के बाद उन्होंने अंतिम स्टैंडिंग में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि, इस प्रतियोगिता के कांस्य पदक विजेता सीरियाई लिफ्टर युसेफ यूनिस चेख के डोपिंग के कारण अयोग्य घोषित किये जाने के बाद उन्हें तीसरे स्थान पर पदोन्नत किया गया था।[6] इस प्रकार, उन्होंने पैरालंपिक्स के पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भारत के लिए पहला पदक जीता। 2006 में, उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के दूसरे सबसे बड़े खेल पुरस्कार 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।

रहेलू 2008 ग्रीष्मकालीन पैरालिम्पिक्स के दो भारतीय प्रतियोगियों में से एक था। उन्होंने पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। उसने अंतिम चारण में कुल 170 किलोग्राम का भार उठाकर तेरह दावेदारों में पांचवा स्थान प्राप्त किया। 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों में राहेलु ने कुल 185 किलोग्राम वज़न उठा कर रजत पदक जीता।[7]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. अग्निहोत्री चबा, अंजू (2012-08-22) http://www.indianexpress.com/news/challenging-disability-and-winning/991392/0 द इंडियन एक्सप्रेस जालंधर. अभिगमन तिथि 2018-02-14.
  2. अग्निहोत्री चाबा, अंजू http://archive.indianexpress.com/news/punjabs-only-paralympian-left-to-fend-for-self;-denied-aid-leave/992453/0 इंडियन एक्सप्रेस, जालंधर| अभिगमन तिथि 2018-02-22
  3. चंदेल, हिमानी "Rajinder Rahelu Wheeling his way to success" द ट्रिब्यून नई दिल्ली अभिगमन तिथि 20118-02-22
  4. राजेंद्र सिंह रहेलू जीवन तथ्य http://ipc.infostradasports.com/asp/lib/theasp.asp?pageid=8937&sportid=515&personid=689870&refreshauto=1 अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक्स समिति| अभिगमन तिथि 2018-02-22
  5. 1975 से आयोजित पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताएँ http://indianpowerliftingfederation.org/National.html अभिगमन तिथि: 2012-02-28
  6. राजेंद्र सिंह ने कांस्य पदक जीता http://www.thehindu.com/2004/10/01/stories/2004100109341800.htm अभिगमन तिथि: 2018-02-23
  7. रहेलू ने रजत पदक जीता https://sports.ndtv.com/commonwealth-games-2014/commonwealth-games-2014-rajinder-rahelu-wins-silver-in-powerlifting-sakina-khatun-gets-bronze-1514955 अभिगमन तिथि: 2018-02-23

इन्हें भी देखें[संपादित करें]