राजा कोटिया भील

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कोटिया भील चंबल नदी के निकट स्थित अकेलगढ़ के शासक थे एवं राजा कोटिया भील ने कोटा में नीलकंठ महादेव मंदिर स्थापित किया था। उन्होंने वर्ष 1264 में अपने निकट के राज्य बूंदी पर हमला किया जिसमें उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद तत्कालीन बूंदी के शासक जेत सिंह ने कोटा की स्थापना की और इसका नामकरण कोटिया भील के नाम पर रखा।[1][2][3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "असल में कौन थे कोटा के संस्थापक कोटिया भील या राव जैतसी, पढ़ें खबर". Dainik Bhaskar. 2013-09-21. अभिगमन तिथि 2020-05-31.
  2. "जिनके नाम से कोटा का नाम पड़ा 300 साल बाद लगाई जाएगी उनकी प्रतिमा". दैनिक भास्कर. 30 जुलाई 2012. मूल से 17 जून 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 फ़रवरी 2020.
  3. "कोटिया भील ने नहीं बसाया था कोटा". दैनिक भास्कर. 21 सितम्बर 2013. मूल से 31 मई 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 फ़रवरी 2020.