राजस्थान में जैन धर्म

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जैन धर्म
Jain Prateek Chihna.svg
यह जैन धर्म की श्रेणी का लेख है।
मंत्र तथा प्रार्थना
नवकार मंत्र • अहिंसा •
ब्रह्मचर्य • सत्य • निर्वाण •
आस्तेय • अपरिग्रह • अनेकांतवाद
मुख्य सिद्धांत
केवल ज्ञान • ब्रह्माण्ड विज्ञान • संसार •
कर्म • धर्म • मोक्ष •
पुनर्जन्म • नवतत्त्व
मुख्य व्यक्ति
२४ तीर्थंकर • ऋषभ देव •
महावीर • आचार्य  • गणधर •
सिद्धसेन दिवाकर • हरिभद्र
क्षेत्रीय जैन धर्म
भारत • पश्चिमी
मत
श्वेतांबर • दिगंबर • तेरापंथी •
प्रारंभिक विद्यालय • स्थानकवासी •
बीसपंथ • डेरावासी
पाठ/ग्रंथ
कल्पसूत्र • अग्मा •
तत्तवार्थ सूत्र • सन्मति प्रकरण
अन्य
समय रेखा • प्रमुख जैन तीर्थ  • विषय सूची

जैन धर्म प्रवेशद्वार
 v • d • e 

राजस्थान भारत के पश्चिम भाग में स्थित राज्य है, जिसका जैन धर्म के साथ बहुत ऐतिहासिक सम्बन्ध रहा है। दक्षिणी राजस्थान श्वेताम्बर जैन धर्म का केन्द्र बिन्दु रहा है। दिगम्बर के भी बड़े केन्द्र राजस्थान के उत्तरी व पूर्वी भागों में स्थित हैं।

मुख्य केन्द्र[संपादित करें]

मुख्य प्राचीन केन्द्र निम्न प्रकार है:

चित्र विथी[संपादित करें]

ये भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • डॉ॰ जगदीश चन्द्र जैन, राजस्थान के कस्बों का इतिहास।
  • तोड्, जेम्स & क्रूक, विलियम। 1829. Annals & Antiquities of Rajasthan or the Central and Western Rajput States of India. भाग ३. पुनर्छपाई: लॉ प्राइस पब्लिकेशन, दिल्ली 1990 ISBN 81-85395-68-3 (३ भागों में)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]