रहमतुल्लाह कैरानवी
रहमतुल्लाह कैरानवी رحمه الله | |
|---|---|
| उपाधि | कैरानवी |
| व्यक्तिगत जीवन | |
| जन्म | रहमतुल्लाह 1818 |
| मृत्यु | 1891 (आयु 72–73) (22 रमज़ान 1308 AH) |
| समाधि | जन्नत अल-मुअल्ला |
| राष्ट्रीयता | Mughal Indian British Indian Saudi Arabian |
| काल | 19th century |
| क्षेत्र | Uttar Pradesh, India |
| मुख्य रुचि(याँ) | Debate against Christianity |
| उल्लेखनीय रचना(एँ) | Islamic Social Reform during the 19th century, Debate against Christianity or Unislamic Innovations in Islam, Founder of Madrasah as-Sawlatiyah |
| पेशा | Muhaddtih, Faqeeh, Historiographer |
| धार्मिक जीवन | |
| धर्म | इस्लाम |
| संप्रदाय | Sunni, |
| न्यायशास्त्र | Hanafi |
| तरीक़ा | Chishtiya |
| आंदोलन | Deobandi |
| मुस्लिम नेता | |
प्रेरित | |
रहमतुल्लाह कैरानवी (1818-1891;अंग्रेज़ी:Rahmatullah Kairanawi) मुस्लिम विद्वान, स्कॉलर और भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी थे। पादरी कार्ल गोटलीब फंडर से आगरा में वाद-विवाद और फिर उसकी बहस और इसाइयत पर पुस्तक इज़हार उल-हक[2]से प्रसिद्ध हैं। मक्का,अरब में मदरसा सौलतिया के संस्थापक थे।
परिचय
[संपादित करें]1818 में कैराना,ज़िला शामली, उत्तर प्रदेश में जन्म लिया। स्वतंत्रता के लिए बिर्टिश इंडिया सरकार से लड़ रहे कैराना क्षेत्र के सेनानियों के लीडर थे। उन्होंने उस समय के धर्म प्रचार को सरकारी सहायता से होने वाला प्रचार समझा और इस्लाम धर्म के ज़िम्मेदारों की खामोशी देख कर स्वयं ही तलवार के बाद क़लम से जंग लड़ी अर्थात कार्यक्रम में भाग लिया और पुस्तकें लिखीं। [3]
अहमद दीदात प्रेरक शिष्य हैं।
पुस्तकें
[संपादित करें]"इज़हार उल-हक" अंतिम और प्रमुख पुस्तक[2] है (अंग्रेज़ी:Izhar ul-Haqq मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी की अरबी भाषा में पुस्तक जो 1864 में प्रकाशित हुई थी। तत्पश्चात अंग्रेज़ी, उर्दू, बांग्ला, गुजराती और तुर्किश भाषा में भी अनुवादित हुई। फंडर [4]से वाद-विवाद का विवरण भी इसमें मिलता है।
इजालतुश्शुकूक
ऐजाज-ए-ईसवी [5]
एहसानुल अहादीस फि अबताल तसलीस
मदरसा सौलतिया
[संपादित करें]सऊदी अरब में एक इस्लामिक स्कूल है। इसकी स्थापना 1873 में भारतीय रहमतुल्लाह कैरानवी ने की थी। [6]
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें][https://archive.org/details/Molana-Rehmatullah-Kairanvi-Intro-Short-Book-Hindi पुस्तक "मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी"]
[https://archive.org/details/Asare-Rahmat-Maulana-Rahmtullah-Kairanvi-urdu-book-imdad-sabri
मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी पर लिखी इमदाद साबरी की किताब ”आसारे रहमत” Urdu PDF]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ https://www.arabnews.com/node/400479
- 1 2 Ramezannia, Mehrdad. Persian Print Culture in India, 1780 - 1880. Chapter 6: Jawaharlal Nehru University-Shodhganga. p. 235. अभिगमन तिथि: 26 March 2020.
{{cite book}}: CS1 maint: location (link) - ↑ मुहम्मद सलीम. "Molana Rehmatullah Kairanvi Intro Short Book Hindi". मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी.
- ↑ "Carl Pfander as a Writer"-Muslim Response to Missionary Activities in India (1800-1900 AD), M.Abdullah https://iri.aiou.edu.pk/indexing/wp-content/uploads/2016/07/Muslim-Response-to-Missionary-2.pdf Archived 2020-10-29 at the वेबैक मशीन
- ↑ Aijaz E Eesvi Jadid Urdu Rahmtullah Kairanvi Book : rahmtullah kairavi https://archive.org/details/Aijaz-E-Eesvi-Jadid-Rahmtullah-Kairanvi-urdu-Book
- ↑ "HIS HOLYNESS THE GREAT Maulana Mohammad Rahmatullah Kairanvi & Madrasa Saulatiya,Mecca". मूल से से 14 सितंबर 2020 को पुरालेखित।.
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