रमाशंकर कौशिक

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रमाशंकर कौशिक (जन्म २ अप्रैल १९३१-मृत्यु २९ नवम्बर २००८)[1] एक समाजवादी नेता, चिन्तक और विचारक का जन्म ग्राम गजरौला, उत्तर प्रदेश मैं पिता शिवप्रसाद और माता खिलोनियाँ देवी के घर मैं हुआ था| लखनऊ युनिवेर्सिटी से छात्र जीवन में आचार्य नरेन्द्र देव से प्रभावित होकर राजनीति में आये फिर डा राम मनोहर लोहिया व रामसेवक यादव के साथ कदम से कदम मिलाकर समाजवाद को धार देने में लग गए| पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रवि राय और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ मिलकर १९५२ में बनारस में समाजवादी युवक संघ का का प्रथम सम्मलेन कराया और समाजवादी आन्दोलन में जुट गए | १९७७(जनता पार्टी) मैं उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य के रूप में चुने गए उसके बाद १९७८ से लेकर १९८० तक उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम, आबकारी एवं स्वास्थ विभाग के मंत्री के रूप में कार्य किया| १९८५ में दुबारा उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य के रूप में (कांग्रेस -जे) से चुने गए |१९८५-८६ में लोक-लेखा समिति के अध्यक्ष रहे .१९८९ में चुनाव हारे फिर १९९० में विधान परिषद् उत्तर प्रदेश के सदस्य बने और नेता सदन के साथ -२ उच्च शिक्षा मंत्री बने | ४ नवम्बर १९९२को बेगम हज़रात महल पार्क में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में जनेश्वर मिश्र, ब्रजभूषण तिवारी, मोहन सिंह, रेवती रमण सिंह, भगवती सिंह, आज़म खान, बेनी प्रसाद वर्मा, रामसरन दास आदि के साथ मिल कर समाजवादी पार्टी की स्थापना की व १९९३ में नगर बिकास मंत्री बने उत्तराखंड का निर्माण कौशिक कमेटी की सिफ़ारिशो के आधार पर हुआ था| उत्तर प्रदेश का पंचायती राज कानून को कौशिक जी ने लोहिया जी के सपनो को ध्यान में रखते हुए बनाया जो मूल रूप में विधान सभा में पास हुआ फिर १९९५ से १९९६ तक विधान परिषद् में नेता विपक्ष रहे | १९९८ में राज्य सभा के सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी की और से चुने गए |२००२ में राज्य सभा के पेनल में चुने गए एवं समय -२ पर कार्यवाही का संचालन किया|

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 28 सितंबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 सितंबर 2018.