रणदीप सुरजेवाला

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रणदीप सिंह सुरजेवाला

विधायक, हरियाणा विधानसभा
पूर्वा धिकारी शमशेर सिंह सुरजेवाला
उत्तरा धिकारी वर्तमान
चुनाव-क्षेत्र नरवाना, कैथल
कार्यकाल
1996-2000
कार्यकाल
2005-2009, नरवाना
कार्यकाल
2009-2014, कैथल
कार्यकाल
2014-वर्तमान, कैथल

जन्म जून 1967 (आयु 51)
चंडीगढ़
राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
जीवन संगी गायत्री सुरजेवाला
बच्चे अर्जुन, आदित्य
निवास चंडीगढ़
धर्म हिन्दू
जालस्थल रणदीप सुरजेवाला की वैबसाइट

रणदीप सिंह सुरजेवाला (जन्म 3 जून 1967) कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राजनेता हैं तथा हरियाणा के कैथल से विधायक हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा नीत कांग्रेस सरकार में 2009 से 2014 तक वे मन्त्रीमण्डल के सदस्य रह चुके हैं। वे हरियाणा के सबसे कम आयु के मंत्री रहे हैं।[1] 2005 में उन्हें यातायात व संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया। बाद में उनके पास जलापूर्ति व सैनीटेशन, संसदीय कार्य, इलेक्ट्रोनिक व सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, तथा जन निर्माण (भवन व सड़कें) मंत्रालय भी रहे। 2014 के चुनावों में कांग्रेस प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही किंतु रणदीप अपनी सीट से पुनः निर्वाचित होने में सफल रहे।

आरंभिक जीवन[संपादित करें]

रणदीप सिंह सुरजेवाला का जन्म 3 जून 1967 को चंडीगढ़ में हुआ। इनके पिता का नाम शमशेर सिंह सुरजेवाला तथा माता का नाम विद्या है। उस समय इनके पिता हरियाणा के कृषि व सहकारिता मंत्री थे। इनकी तीन बड़ी बहनें हैं- मधु दलाल, पूनम चौधरी और नीरू।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा नरवाना के आदर्श बाल मंदिर व आर्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई। १९८१-८५ में वाणिज्य में स्नातक डी ए वी स्कूल से तथा १९८५-८८ में विधि में स्नातक विधि विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से किया। यहीं से ही इन्होने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर भी किया।

इनके पिता श्री शमशेर सिंह सुरजेवाला हरियाणा के एक प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं, जो कि 1967, 1977, 1982, 1991 तथा 2005 में हरियाणा विधान सभा के तथा 1993 में संसद सदस्य रहे।

करियर[संपादित करें]

एक वकील के तौर पर[संपादित करें]

एक वकील के तौर पर रण दीप ने अपनी प्रैक्टिस 21 वर्ष की आयु में 1988 में दिल्ली की एक वकालत फर्म श्रॉफ एंड कंपनी से शुरू की, जिसे १९९१ से पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में जारी रखा।

संगठनात्मक भूमिका[संपादित करें]

17 वर्ष की आयु में उन्हें हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस का जनरल सचिव नियुक्त किया गया। उन्हें १९९२ में पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ के सबसे युवा सीनेटर नियुक्त किया गया। विधि विभाग में वे फैकल्टी सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। १९९५-९६ से वे पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के सिंडीकेट के सबसे कम उम्र के सदस्य रहे। वे पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की संयुक्त सलाहकार समिति, युवा मामलों की समिति तथा अकैडेमिक काऊंसिल के सदस्य भी रहे। १९९०-९५ के बीच वे हरियाणा लायर्स फोरम के चेयरमैन भी रहे। १९८७-९० के दौरान वे अपने पिता के साथ, जो कि उस समय पार्टी अध्यक्ष थे, हरियाणा में कांग्रेस को मजबूत करने में लगे रहे।

अप्रैल १९८६ में वे हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस के सबसे कम आयु के सह-सचिव और फिर सचिव भी बने। मार्च २००० में वे भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले प्रथम हरियाणवी बने। वे इस पद पर फरवरी २००५ तक रहे जो कि भारतीय युवा कांग्रेस के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल था। अगस्त २००४ में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव नियुक्त हुए-सबसे कम आयु के। हरिय़ाणा विधान सभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर २००४ में, ३७ वर्ष की आयु में, वे हरिय़ाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पदभार संभालने वाले सबसे कम आयु के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए।

२० अगस्त २००२ में युवा कांग्रेस ने एक ही दिन में १४०८९ यूनिट के रक्तदान का आयोजन करके विश्व रिकार्ड बनाया।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

चुनाव[संपादित करें]

इन्होने 6 बार हरियाणा विधान सभा के लिए चुनाव लड़े- 1993 उप चुनाव, 1996, 2000, 2005, 2009 व 2014 में। 1996 और 2005 चुनावों में उन्होंने ओम प्रकाश चौटाला को हराया जो कि तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। 2014 के चुनावों में कांग्रेस प्रदेश में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए तीसरे स्थान पर रही किंतु रणदीप अपनी सीट से पुनः निर्वाचित होने में सफल रहे।

एक मंत्री के तौर पर[संपादित करें]

मार्च २००५ में रणदीप को यातायात व नागरिक उड्डयन, जन निर्माण विभाग (जलापूर्ति व सैनीटेशन) तथा संसदीय कार्यों के विभाग देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इन्हें हरियाणा के सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बनाया। सितंबर २००७ से उनके पास ऊर्जा, जन निर्माण विभाग (जलापूर्ति व सैनीटेशन) तथा संसदीय कार्य मंत्रालय रहे, तथा वह नागरिक उड्डयन पर नीति निर्माण हेतु बनी स्थायी समिति के अध्यक्ष भी बने। नवंबर २००९ से उनके पास जलापूर्ति व सैनीटेशन, संसदीय कार्य, इलेक्ट्रोनिक व सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, तथा जन निर्माण (भवन व सड़कें) मंत्रालय है।[2]

सामाजिक कार्य[संपादित करें]

  • राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्र में, खासकर गौशालाओं हेतु, चारे के १२१ ट्रक भेजने के लिए संग्रहण व निष्पादन कर उन्होनें युवा कांग्रेस की शक्ति को सामाजिक कार्यं की तरफ लगाने का सफल प्रयास किया। (७ मई २०००); जल वितरण अभियान, जिसमें 50,00,000 लिटर पानी १० बड़े टैंकरों और स्वयंसेवकों द्वारा ३० दिन में राजस्थान के ४ सूखा प्रभावित जिलों में भेजा गया (30 मई 2000); एसा ही जल वितरण अभियान, गुजरात के सूखा प्रभावित जिलों जामनगर, पोरबंदर व सुरेंद्रनगर में 15,00,000 लिटर से अधिक पानी भेजकर; भयावह भूकंप के केंद्र रहे भुज में ३० दिन तक कैंप स्थापन व १०० लाख रुपए से अधिक का सहायता वितरण (26 जनवरी 2001); गुजरात के भूकंप प्रभावितों के लिए ५० ट्रकों मे ५०० टन राहत सामग्री का संग्रहण व प्रेषण (4 फ़रवरी 2001); जम्मू सीमा क्षेत्र के विस्थापितों के लिए ७२० क्विंटल गेहूं का संग्रहण व प्रेषण (26 मई 2002); जम्मू सीमा क्षेत्र के विस्थापितों के लिए ही ३० ट्रकों मे २७०० क्विंटल गेहूं की दूसरी खेप का संग्रहण व प्रेषण (27 मई 2002); राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में १०लाख किलो गेहूं एकत्र करके भेजने का निश्चय करके एक मुट्ठी अनाज परियोजना का आयोजन व १०० ट्रकों में 9,00,000 किलो (27 मई 2003); व दूसरी खेप में ५० ट्रकों में 4,50,000 किलो गेहूं का संग्रहण व प्रेषण (18 जुलाई 2003) तथा सीता मढ़ी, मधुबनी, सहरसा व दरबंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ४००० क्विंटल गेहूं का संग्रहण व प्रेषण (सितंबर 2004)।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

रणदीप का विवाह गायत्री से हुआ तथा इनके दो पुत्र हैं- अर्जुन और आदित्य।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]