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योहीरो नांबू

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योइचिरो नाम्बू
南部 陽一郎
जन्म 18 जनवरी 1921
टोक्यो, जापान
मौत 5 जुलाई 2015
ओसाका, जापान
नागरिकता जापानी-अमेरिकी
शिक्षा की जगह टोक्यो विश्वविद्यालय
प्रसिद्धि का कारण सहज सममिति टूटना, प्रमात्रा रंगगतिकी, तंतु सिद्धांत
पुरस्कार भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (2008)

योइचिरो नाम्बू (18 जनवरी 1921 – 5 जुलाई 2015) एक अत्यंत प्रख्यात और विश्वविख्यात जापानी-अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी थे, जिन्हें उपपरमाण्विक भौतिकी और प्रमात्रा यांत्रिकी के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक अनुसंधानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।[1] वर्ष 2008 में उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व और अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए मकोतो कोबायाशी और तोशिहिदे मास्कावा के साथ संयुक्त रूप से भौतिकी के सर्वोच्च सम्मान, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।[2] यह महान सम्मान उन्हें उपपरमाण्विक भौतिकी में 'सहज सममिति टूटने' की चमत्कारी प्रक्रिया की खोज के लिए प्रदान किया गया था।[3] उनका यह अत्यंत महत्वपूर्ण शोध ब्रह्मांड के मूलभूत कणों के द्रव्यमान और उनके व्यवहार को स्पष्ट रूप से समझने में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।[4]

प्रारम्भिक जीवन

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उनका जन्म 18 जनवरी 1921 को जापान की राजधानी टोक्यो में हुआ था। जब वे केवल दो वर्ष के थे, तब टोक्यो में एक अत्यंत भयंकर भूकंप आया था, जिसके कारण उनके परिवार को अपनी सुरक्षा के लिए फुकुई नामक एक छोटे से नगर में विस्थापित होना पड़ा।[5] उनके पिता एक स्थानीय विद्यालय में शिक्षक थे, जिसके कारण उनके घर में हमेशा से ही अध्ययन और ज्ञानार्जन का एक अत्यंत उत्कृष्ट वातावरण रहता था। बचपन से ही उनकी विज्ञान और गणित के अत्यंत जटिल प्रश्नों को सुलझाने में अत्यधिक रुचि थी।[6] उनके प्रारंभिक जीवन का काफी समय द्वितीय महायुद्ध के अत्यंत संघर्षपूर्ण दौर में बीता, जिसने उन्हें जीवन में अत्यंत कठोर परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जापान के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान, टोक्यो विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया।[7] इसी महान संस्थान से उन्होंने वर्ष 1942 में भौतिकी विषय में अपना स्नातक अत्यंत उत्कृष्ट अंकों के साथ पूर्ण किया। इसके पश्चात द्वितीय महायुद्ध के कारण उन्हें एक सैन्य अनुसंधान प्रयोगशाला में कार्य करने के लिए भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने राडार तकनीक पर कार्य किया।[8] युद्ध समाप्त होने के पश्चात वे पुनः विश्वविद्यालय लौट आए और वर्ष 1952 में भौतिकी में अपनी विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) की सर्वोच्च उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की। यहाँ उन्होंने कण भौतिकी पर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण शोध कार्य पूर्ण किया था।[9]

विज्ञान और प्रमात्रा भौतिकी के क्षेत्र में उनके इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अनुसंधान के लिए उन्हें वर्ष 2008 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया।[10] नोबेल पुरस्कार के अतिरिक्त उन्हें दुनिया भर के कई अत्यंत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संगठनों द्वारा बहुत ही बड़े सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए 'राष्ट्रीय विज्ञान पदक' और 'वुल्फ पुरस्कार' जैसे सर्वोच्च सम्मानों से भी अलंकृत किया गया था।[11] वे 1970 में अमेरिकी नागरिक बन गए और कई दशकों तक शिकागो विश्वविद्यालय में एक पूर्णकालिक वरिष्ठ प्राध्यापक के रूप में कार्यरत रहे। 5 जुलाई 2015 को 94 वर्ष की अत्यंत परिपक्व आयु में ओसाका नगर में उनका शांतिपूर्ण निधन हो गया, परंतु सैद्धांतिक भौतिकी के जगत में उनका अमूल्य योगदान सदा के लिए अमर रहेगा।[12]

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. ↑ "योइचिरो नाम्बू की जीवनी". नोबेल पुरस्कार समिति. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.
  2. ↑ "तीन वैज्ञानिकों ने जीता भौतिकी का नोबेल". द न्यूयॉर्क टाइम्स. 8 अक्टूबर 2008. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.
  3. ↑ नाम्बू, योइचिरो (1960). "कण भौतिकी में सहज सममिति". भौतिकी समीक्षा पत्रिका. 117: 648–663.
  4. ↑ स्मिथ, रॉबर्ट (2010). आधुनिक भौतिकी और कण. विज्ञान शिक्षा प्रकाशन.
  5. ↑ डेविस, पॉल (2012). नाम्बू का प्रारंभिक जीवन. भौतिकी शिक्षा प्रकाशन.
  6. ↑ जॉनसन, माइकल (2009). "महान भौतिक विज्ञानियों का प्रारंभिक जीवन". प्रायोगिक भौतिकी पत्रिका. 25: 112–118.
  7. ↑ "टोक्यो विश्वविद्यालय का इतिहास". टोक्यो विश्वविद्यालय. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.
  8. ↑ टेलर, रिचर्ड (2004). "प्रमात्रा यांत्रिकी का ऐतिहासिक विकास". नेचर भौतिकी पत्रिका. 15: 78–85.
  9. ↑ "टोक्यो विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और नोबेल विजेता". टोक्यो विश्वविद्यालय विज्ञान संकाय. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.
  10. ↑ "2008 भौतिकी नोबेल पुरस्कार का सारांश". नोबेल फाउंडेशन. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.
  11. ↑ क्लार्क, जेम्स (2015). नोबेल विजेताओं का इतिहास. ऑक्सफोर्ड विज्ञान प्रकाशन.
  12. ↑ "महान भौतिक विज्ञानी योइचिरो नाम्बू का निधन". बीबीसी समाचार. 17 जुलाई 2015. अभिगमन तिथि: 3 जून 2026.[मृत कड़ियाँ]