युद्ध आधारित फ़िल्म

युद्ध आधारित फ़िल्म (अंग्रेज़ी: War Film) फ़िल्मों की एक व्यापक शैली है। यह युद्ध से संबंधित फ़िल्में होती हैं जिसकी कहानी के केंद्र में आमतौर पर नौसैनिक, हवाई, या ज़मीनी लड़ाइयाँ शामिल होती हैं। इस शैली का 20वीं सदी के साथ गहरा संबंध रहा है।[1] युद्ध फ़िल्में अक्सर युद्ध दृश्यों की नियतिपूर्ण प्रकृति के साथ ही समाप्त होती हैं। इस शैली की फ़िल्मों में संव्याध, जीवित बचना और पलायन, सैनिकों के बीच भाईचारा, बलिदान, युद्ध की निरर्थकता और अमानवीयता, समाज पर युद्ध के प्रभाव और युद्ध द्वारा उठाए गए नैतिक तथा मानवीय मुद्दों जैसे विषयों को अवलोकित किया जाता है। युद्ध आधारित फ़िल्मों को अक्सर उनके परिवेश जैसे भारत पाकिस्तान युद्ध, कोरियाई युद्ध, द्वितीय विश्वयुद्ध और अमेरिकी गृहयुद्ध के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। फ़िल्मों में बताई गई कहानियाँ काल्पनिक, ऐतिहासिक नाटक या जीवनचरित हो सकती हैं।
शैली
[संपादित करें]यह जरूरी नहीं की युद्ध फ़िल्मों की शैली को बहुत सख्ती से परिभाषित किया जाए : उदाहरण के लिए, अमेरिकन फ़िल्म संस्थान प्रथम विश्व युद्ध से जुड़ी फ़िल्मों की बात तो करता है, लेकिन उन्हें किसी खास श्रेणी में जोड़ने की कोशिश नहीं करता। हालाँकि, कुछ निर्देशकों और आलोचकों ने कम से कम शुरुआती परिभाषाएँ दी हैं। निर्देशक सैम फुलर ने इस शैली को परिभाषित करते हुए कहा कि "युद्ध फ़िल्म चाहे कितनी भी व्यक्तिगत या भावनात्मक क्यों न हो, उसका उद्देश्य दर्शकों को युद्ध का एहसास कराना होता है।"[2]
इतिहास
[संपादित करें]अमेरिकी गृहयुद्ध
[संपादित करें]अमेरिकी जीवन-दृष्टि से अमेरिकी इतिहास का सबसे महँगा युद्ध होने के कारण, यह युद्ध अनेक फ़िल्मों और वेब शृंखलाओं का विषय या पृष्ठभूमि रहा है। गृहयुद्ध को अपने विषय के रूप में इस्तेमाल करने वाली शुरुआती फ़िल्मों में से एक डी. डब्ल्यू. ग्रिफ़िथ की वर्ष 1910 की मूक फिल्म, द फ्यूजिटिव थी।[3]
भारत-पाकिस्तान युद्ध
[संपादित करें]भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध केवल इतिहास के पन्नों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने साहित्य, कला और सिनेमा को भी गहराई से प्रभावित किया है। बालीवुड की फ़िल्मों ने इन युद्धों की पृष्ठभूमि में सैनिकों के साहस, देशभक्ति, बलिदान और युद्ध की मानवीय त्रासदी को बखूबी दर्शाया है। ऐसी फ़िल्में दर्शकों के मन में राष्ट्रभावना जगाने के साथ-साथ उनको युद्ध की कठिन वास्तविकताओं से भी परिचित कराती हैं। बॉर्डर और एल ओ सी कारगिल ऐसी ही फ़िल्मों के उदाहरण हैं।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ फ़्रैंक, मंचेल (1990). Film Study: An Analytical Bibliography [फिल्म अध्ययन: एक विश्लेषणात्मक ग्रंथ] (अंग्रेज़ी भाषा में). फेयरलेह डिकिंसन यूनिवर्सिटी प्रेस. p. 200. ISBN 9780838631867. अभिगमन तिथि: 29 अगस्त 2026.
- ↑ जेफ्री, मैकनेब. "Fury, film review: Brad Pitt stars as an unsympathetic hero in muted war movie" [फ्यूरी, फिल्म समीक्षा : ब्रैड पिट एक मूक युद्ध फ़िल्म में एक असंवेदनशील नायक की भूमिका निभाते हैं।]. इंडिपेंडेंट (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 29 अगस्त 2026.
- ↑ "The Fugitive" [भगोड़ा]. साइलेंट एरा (अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 3 अप्रैल 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 29 अगस्त 2026.