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यिर्मयाह होरोक्स

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यिर्मयाह होरोक्स
1639 में शुक्र के पारगमन का
पहला अवलोकन बनाते हूए
जन्म1618
लोवर लॉज, ओट्टरस्पूल
टोक्सटेथ पार्क, लिवरपूल, इंग्लैंड
मृत्यु3 जनवरी 1641 (आयु 22)
टोक्सटेथ पार्क, लिवरपूल
नागरिकताअंग्रेज
आलमा माटरकैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
प्रसिद्धिशुक्र पारगमन
ज्वार
दीर्घवृत्तीय कक्षा
चंद्र कक्षा
वैज्ञानिक आजीविका
क्षेत्रखगोलशास्त्र
गणित
यांत्रिकी

यिर्मयाह होरोक्स (1618- 3 जनवरी 1641) (Jeremiah Horrocks, कभी-कभी Jeremiah Horrox (एक लैटिन संस्करण जिसका उन्होने एमानुएल कॉलेज रजिस्टर पर और अपनी लैटिन पांडुलिपियों में प्रयोग किया)[1] रूप मे वर्णित), एक अंग्रेज खगोलशास्त्री थे। वें यह सिद्ध करने वाले पहले व्यक्ति थे कि चंद्रमा एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी के इर्दगिर्द घूमता है और एक मात्र पहले व्यक्ति जिन्होने 1639 के शुक्र पारगमन की भविष्यवाणी की, साथ ही वें और उनके मित्र विलियम क्रेबट्री केवल दो ही लोग थे जिन्होने इस प्रसंग को अवलोकित और दर्ज किया था। पारगमन पर उनका ग्रंथ, वीनस इन सोले वीसा, समय पूर्व उनकी मृत्यु के कारण विज्ञान के लिए करीब-करीब क्षति थी और यह अराजकता अंग्रेज गृह युद्ध द्वारा लाई गई थी, परंतु उसके बाद इसके लिए और अपने अन्य कार्य के लिए उनका ब्रिटेन के खगोल विज्ञान के पिता के रूप में स्वागत किया गया।

सन्दर्भ

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  1. Marston, Paul (2007). "History of Jeremiah Horrocks". मूल से से 15 जनवरी 2008 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2007-12-08. - See footnote 1