यहूदा का विश्वासघात


यहूदा का विश्वासघात बाइबिल में एक उपकथा है, जो सभी तीन समदर्शी सुसमाचारों, मत्ती 26:14-16, मरक़ुस 14:10-11 और लूक़ा 22:1-6 में उल्लिखित है। यह बताता है कि कैसे यहूदा इस्करियोती ने यीशु को धोखा देने के लिए यहूदी प्रधान याजकों के साथ सौदा किया था।[1]
विवरण
[संपादित करें]मत्ती के सुसमाचार में लिखा है कि यहूदा को तीस चाँदी के सिक्के मिलेः
तब यहूदा इस्करियोती ने, जो बारह चेलों में से एक था, प्रधान याजकों के पास जाकर कहा, “यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ पकड़वा दूँ तो मुझे क्या दोगे?” उन्होंने उसे तीस चाँदी के सिक्के तौलकर दे दिए। और वह उसी समय से उसे पकड़वाने का अवसर ढूँढ़ने लगा।[2]
मरक़ुस और लूक़ा के सुसमाचारों में कोइ दाम नहीं बताया गया है। लूक़ा का सुसमाचार कहता है कि शैतान ने यहूदा के अंदर गया और उसे याजकों के साथ सौदा करवाया:
अखमीरी रोटी का पर्व जो फसह कहलाता है, निकट था; और प्रधान याजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसको कैसे मार डालें, पर वे लोगों से डरते थे। तब शैतान यहूदा में समाया, जो इस्करियोती कहलाता और बारह चेलों में गिना जाता था। उसने जाकर प्रधान याजकों और पहरुओं के सरदारों के साथ बातचीत की कि उसको किस प्रकार उनके हाथ पकड़वाए। वे आनन्दित हुए, और उसे रुपये देने का वचन दिया। उसने मान लिया, और अवसर ढूँढ़ने लगा कि जब भीड़ न हो तो उसे उनके हाथ पकड़वा दे।[3]
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ All the Apostles of the Bible by Herbert Lockyer 1988 ISBN 0-310-28011-7 pages 106–111
- ↑ मत्ती 26:14-16
- ↑ Luke 22:6