यज्ञपुरुष

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भगवान यज्ञ विष्णु के अवतार हैं। इनका जन्म स्वायम्भूव मनु के रक्षणार्थ हुआ।

परिचय[संपादित करें]

भगवान ब्रह्मा के वाम तथा दक्षिण से पुरुष तथा स्त्री की मानसी सृष्टि हुई जिसमें से एक प्रथम मनु स्वायम्भूव मनु तथा शतरूपा हुईं। इनके १० पुत्र तथा आकूति, देवहूति, तथा प्रसूति नामक कन्याएँ हुईं। आकूति का विवाह रुचि नामक प्रजापति से हुआ जिनसे भगवान यज्ञ तथा माता दक्षिणा प्रकट हुए। इन दोनो का परस्पर विवाह हुआ। क्योंकि ये दोनो अयोनिज थे अतः इनका भाई बहन होते हुए भी विवाह शास्त्रसम्मत था। इनके पुत्र याम आदि हुए।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]