मोहब्बतें

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मोहब्बतें
मोहब्बतें.jpg
मोहब्बतें का पोस्टर
निर्देशक आदित्य चोपड़ा
निर्माता यश चोपड़ा
लेखक आदित्य चोपड़ा
अभिनेता अमिताभ बच्चन,
शाहरुख़ ख़ान,
ऐश्वर्या राय,
जिमी शेरगिल,
उदय चोपड़ा,
प्रीति झंगियानी,
शमिता शेट्टी
संगीतकार जतिन-ललित
छायाकार मनमोहन सिंह
संपादक वी.वी. कार्निक
सिंह तरनजीत
वितरक यश राज फिल्म्स
प्रदर्शन तिथि(याँ) 27 अक्टूबर 2000
समय सीमा 216 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी

मोहब्बतें सन् 2000 की हिन्दी भाषा की संगीतमय नाट्य प्रेमकहानी फ़िल्म है। यह दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे के बाद आदित्य चोपड़ा के निर्देशन वाली दूसरी फिल्म थी। फिल्म में छः नए कलाकारों के साथ शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खान के प्रेमी के रूप में ऐश्वर्या राय याद में दिखाई देती है। फिल्म इसलिए भी उल्लेखनीय है कि अमिताभ और शाहरुख पहली बार एक साथ किसी फिल्म में दिखाई दिए।

फिल्म आलोचनात्मक और व्यावसायिक दोनों तरह से अच्छी चली थी। यह 2000 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म थी। उसके बाद राकेश रोशन की कहो ना प्यार है थी। इस फिल्म ने शाहरुख और अमिताभ के लिये क्रमशः आलोचकों का फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार और फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार सहित कई पुरस्कार भी जीते।

संक्षेप[संपादित करें]

नारायण शंकर (अमिताभ बच्चन) एक प्रतिष्ठित लड़कों के विश्वविद्यालय, गुरुकुल का सख्त हेडमास्टर है। नारायण परंपराओं और अनुशासन पर जोर देकर अपने छात्रों को पढ़ाना अच्छा मानते हैं। उन्होंने अपने छात्रों को किसी भी तरह के प्रेम-प्रसंग से भी मना कर दिया है - जो भी ऐसा करता पाया जाता है उसे निष्कासित कर दिया जाता है।

यह फिल्म विशेष रूप से स्कूल के तीन छात्रों पर केन्द्रित है: समीर (जुगल हंसराज), विकी (उदय चोपड़ा) और करण (जिमी शेरगिल) जो सभी प्यार में पड़ते हैं। समीर संजना (किम शर्मा), उसके बचपन की दोस्त के साथ प्यार में है जिसका पहले से ही एक स्थिर प्रेमी है। विकी इशिका (शमिता शेट्टी) के प्यार में पड़ता है, जो गुरुकुल के पास लड़कियों की यूनिवर्सिटी की छात्र है। करण किरन (प्रीति झंगियानी) की ओर आकर्षित है जो कि एक विधवा है (पहले से ही एक पायलट से विवाहित है जिसे मृत माना जाता है)।

इन तीनों को पता है कि अगर वे पकड़े जाते हैं तो उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा, इसलिए वे अपने प्यार का पीछा नहीं करते हैं लेकिन खाली समय में इसके बारे में याद करते हैं। इसके बाद राज आर्यन (शाहरुख खान) आता है जिसका संगीत शिक्षक के रूप में गुरुकुल में स्वागत होता है। दोस्ताना और प्यार की शक्ति में मजबूत विश्वास रखने वाला राज कई स्थिति को चुनौती देता है। धीरे-धीरे, वह उन परिवर्तनों को प्रस्तुत करता है जो प्रिंसिपल नारायण नापसंद करते हैं। वह उन्हें बताकर प्रेरित करता है कि उनके पास भी उसका विशेष प्यार है, मेघा (ऐश्वर्या राय) जो मर चुकी है। लेकिन वह उसे प्यार करता है और कल्पना करता है कि वह अब भी उसके साथ में है। राज ने लड़कों को अपने प्यार के प्रति वफादार रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

एक दिन राज आर्यन पूरे गुरुकुल में प्यार फैलाने के लिए एक पार्टी रखता है, जिसमें वो कॉलेज की सारी लड़कियों को भी बुलाता है। नारायण उस पार्टी में आ जाता है और उसे बंद करा देता है। इसके बाद वो राज आर्यन पर गुस्सा हो जाता है और उसे नौकरी से निकाल देता है। इसके बाद राज आर्यन उसे बताता है कि वो भी इसी गुरुकुल में कई साल पहले आया था और उसे मेघा से प्यार हो गया था, जो नारायण की इकलौती बेटी थी। नारायण ने उसे उसके चेहरे तक को बिना देखे निकाल दिया था। राज के बिना मेघा रह नहीं पाती और ख़ुदकुशी कर लेती है। राज आर्यन बोलता है कि वो गुरुकुल में वापस जरूर आएगा और वादा करता है कि वो इस गुरुकुल को प्यार से भर देगा, जिसे नारायण भी रोक नहीं सकेगा।

ये सब सुन कर नारायण हैरान रह जाता है और इस बात को वो चुनौती के रूप में लेता है। वो राज आर्यन को कुछ और समय तक रुकने को कहता है। समीर, विक्की और करन अपने प्यार को पाने में सफल रहते हैं, पर नारायण नियमों को और भी कड़ा कर देता है। राज आर्यन के उकसाने से वे लोग नियमों को अनदेखा करते रहते हैं। जो वातावरण नारायण ने 25 सालों तक बनाए रखा था, उसे बचाने के लिए वो समीर, विक्की और करन को गुरुकुल से निकाल देता है। राज आर्यन उनकी तरह से बोलता है कि प्यार कर के उन लोगों ने कुछ बुरा नहीं किया है। वो नारायण को अपनी ही बेटी के मौत का कारण बताता है। राज के शब्द उसके मन को बदल देते हैं और उसे अपनी गलती का एहसास होता है। वो गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों से माफी मांगता है और प्राचार्य के पद से इस्तीफा दे देता है और नए प्राचार्य के लिए वो राज का नाम आगे करता है। राज उसे स्वीकार कर लेता है।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

मोहब्बतें
जतिन-ललित द्वारा
जारी 2000
संगीत शैली फिल्म साउंडट्रैक
लंबाई 50:46
लेबल वाईआरएफ म्यूजिक
निर्माता यश चोपड़ा
जतिन-ललित कालक्रम

ढ़ाई अक्षर प्रेम के
(2000)
'''मोहब्बतें'''
(2000)
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी
(2000)

सभी गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित; सारा संगीत जतिन-ललित द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."चलते चलते यूँ ही" (संस्करण 1)श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, प्रीता मजूमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान7:43
2."पैरों में बंधन है"श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, प्रीता मजूमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान7:05
3."आँखें खुली हो"उदित नारायण, लता मंगेशकर, श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, प्रीता मजूमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, शाहरुख खान, ईशान7:07
4."सोणी सोणी"उदित नारायण, जसपिंदर नरुला, श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, प्रीता मजूमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान9:12
5."चलते चलते यूँ ही" (संस्करण 2)श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, प्रीता मजूमदार, उद्धव, मनोहर शेट्टी2:54
6."हमको हमीं से चुरा लो"लता मंगेशकर, उदित नारायण7:59
7."जिंदा रहती है उनकी मोहब्बतें"उदित नारायण, लता मंगेशकर2:25

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार
श्रेणी प्राप्तकर्ता और नामांकित व्यक्ति परिणाम
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता - आलोचक शाहरुख ख़ान जीत
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता अमिताभ बच्चन
सर्वश्रेष्ठ साउंड डिज़ाइन अनुज माथुर
सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म यश चोपड़ा नामित
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता शाहरुख़ ख़ान
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री ऐश्वर्या राय
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक आदित्य चोपड़ा
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन जतिन ललित
सर्वश्रेष्ठ नृत्य सरंचना मनमोहन सिंह
सर्वश्रेष्ठ गीतकार आनंद बख्शी ("हमको हमीं से चुरा लो")

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]