मोमल रानो

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मोमल रानो या मूमल रानो (सिंधी: مومل راڻو) सिंधी तथा राजस्थानी लोककथाओं में मोमल और रानो की एक प्रेम-कथा है।

कथानक[संपादित करें]

अमरकोट के राजा हमीर सूमोरो अपने मंत्रियों:रानो महेंद्र, सेन्हारो धमाचन्नी और दौनरो भट्यान्नी के साथ अमरकोट के दूर-दराज के इलाकों में शिकार के लिए जाते थे और कभी-कभी साहसिक कार्य के लिए अपने छोटे से देश की सीमाओं को भी पार कर लेते थे। एक बार शिकार के दौरान इन चारों लोगों का सामना एक व्यक्ति से हुआ।

उन्होंने उस साथी को यह नहीं बताया कि वे कौन थे और उन्होंने क्या किया। लेकिन साथी ने उन्हें उस कहानी में उलझा दिया जो पिछले दिनों उसके साथ हुई थी। वह कश्मीर के पास के एक क्षेत्र का राजकुमार था। उसने मोमल की सुंदरता और आकर्षण की कथा सुनी थी और उससे प्रेरित हुआ था। जब वह उस क्षेत्र में पहुँचा जहाँ मोमल रहती थी, तो वह न केवल उसकी मोहक सुंदरता से बल्कि उसकी दासियों/बहनों द्वारा चली गई चाल और योजनाओं से भी अभिभूत हुआ, जिन्होंने न केवल उस राजकुमार की संपत्ति और सामग्री को लूटा अपितु उसे भ्रमित भी किया। इतना ही नहीं उन्होंने उसे कई पहेलियों में इतना उलझा दिया कि वह अपनी जान बचाने और वहाँ से भागने के अलावा और कुछ नहीं कर सका।

राजकुमार द्वारा बताई गई यह कहानी उन चार दोस्तों को दिग्भ्रमित करने के लिए काफी थी। उन्होंने राजकुमार से मोमल के ठिकाने के बारे में जानकारी ली और उसी साहसिक कार्य को जारी रखने का निर्णय लिया।

ऐतिहासिकता[संपादित करें]

मोमल-रानो की कहानी तथ्य और कल्पना का मिला-जुला स्वरूप है। कथा से संबंधित स्थानों के नाम वास्तविक हैं। दोनों सिंध और राजस्थान प्रांत की सीमाओं के भीतर हैं। हालाँकि किंवंदतियों में जादू की युक्ति, सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे रानो उमेरकोट से लोध्रूवा तक लगभग हर दिन इतनी तेजी से यात्रा करने में सक्षम थे। मोमल रानो की कहानी की तुलना ऑर्फियस की कथा से भी की गई है।[1] यूनानी मिथक में सुंदर किंतु खतरनाक जीव सायरन अपनी करामाती आवाज़ों और संगीत से पास के नाविकों को लुभाते थे। और अपने जहाजों को अपने द्वीप एंथेमोएसा के चट्टानी तट पर बर्बाद करने के लिए उकसाते थे, नाविकों को लूटते और नष्ट करते थे।[2]

रूपकीय महत्व[संपादित करें]

मोमल और रानो का प्रेम आत्मा और परमात्मा के प्रेम का स्वरूप माना जाता है।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Muzamil Syre, Khathuri Khep Kheter Mein Archived 2020-12-02 at the Wayback Machine, सिंधिका पब्लिशर्स, कराची 2014
  2. Siren (Greek mythology), ब्रितानी विश्वकोष