मोतीडूंगरी गणेश मंदिर जयपुर
| मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर | |
|---|---|
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर | |
मोती डूंगरी गणेश मंदिर का मुख्य द्वार | |
| धर्म | |
| संबंधन | हिन्दू धर्म |
| ज़िला | जयपुर |
| देवता | गणेश |
| त्यौहार | गणेश चतुर्थी |
| अवस्थिति | |
| अवस्थिति | मोती डूंगरी रोड, जयपुर |
| राज्य | राजस्थान |
| देश | भारत |
| निर्देशांक | 26°53′41″N 75°49′00″E / 26.894621°N 75.816740°Eनिर्देशांक: 26°53′41″N 75°49′00″E / 26.894621°N 75.816740°E |
| वास्तुकला | |
| प्रकार | नागर शैली |
| निर्माता | सेठ जय राम पालीवाल |
| स्थापना | 1761 |
| निर्माण पूर्ण | 1761 |
| आयाम विवरण | |
| मंदिर | 1 |
| स्मारक | 1 |
| सामग्रियाँ | संगमरमर, चूना पत्थर |
| वेबसाइट | |
| आधिकारिक वेबसाइट | |
मोती डूंगरी भारत के राजस्थान राज्य के जयपुर शहर में स्थित भगवान गणेश को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मोती डूंगरी किले की तलहटी में स्थित है और अपनी भव्य वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व एवं धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में स्थापित प्रतिमा पाँच सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। यह जयपुर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ वर्ष भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं।
इतिहास
[संपादित करें]मोती डूंगरी मंदिर मोती डूंगरी किले की तलहटी में स्थित है।[1][2] यहाँ स्थापित गणेश प्रतिमा लगभग पाँच सौ वर्ष पुरानी मानी जाती है,[3] जिसे 1761 में सेठ जय राम पालीवाल द्वारा उदयपुर से जयपुर लाया गया था।[4][5]
प्रतिमा का रंग सिंदूरी है और इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है।[6][7] श्रद्धालु यहाँ लड्डू का प्रसाद चढ़ाते हैं। [8][9][10]
मंदिर परिसर में हर बुधवार को एक मेला आयोजित होता है।[11]
मोती डूंगरी किले के परिसर में एक शिवलिंग भी है, जो केवल महाशिवरात्रि के दिन दर्शन हेतु खुलता है।[12][13][14]
उत्सव
[संपादित करें]मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी का भव्य आयोजन होता है।[15]
मान्यता
[संपादित करें]जयपुर में विराजित हैं दाहिने सूड वाले गणेशजी, रिश्तेदारों से पहले यहां दें निमंत्रण, इस मान्यता के अनुसार, भक्तों को अपने घर या जीवन में कोई शुभ कार्य शुरू करने से पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा अर्चना करनी चाहिए, जिससे उनके सभी कार्यों में सफलता और समृद्धि आए।[16]
वास्तुकला
[संपादित करें]मोती डूंगरी मंदिर का निर्माण नगरा शैली में हुआ है और इसकी संरचना स्कॉटिश किले की शैली पर आधारित है।[17] मंदिर के सामने तीन प्रवेश द्वार और कुछ सीढ़ियाँ हैं। मंदिर का निर्माण चूना पत्थर और संगमरमर से मात्र चार महीनों में पूरा हुआ था।[18]
दर्शन समय
[संपादित करें]मोती डूंगरी मंदिर सप्ताह के सभी दिन खुला रहता है।[19]
| क्रम संख्या | दर्शन | समय |
|---|---|---|
| 1 | मंगला आरती | प्रातः 4:00 बजे |
| 2 | विशेष पूजा | पूर्वाह्न 11:20 बजे |
| 3 | श्रृंगार आरती | पूर्वाह्न 11:30 बजे |
| 4 | भोग आरती | अपराह्न 2:15 बजे |
| 5 | संध्या आरती | सायं 7:00 बजे |
| 6 | शयन आरती | रात्रि 11:45 बजे |
परिवहन
[संपादित करें]मंदिर जयपुर के मध्य से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित है। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है और गांधी नगर रेलवे स्टेशन सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है।[20]
संबंधित लेख
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Knapp, Stephen (29 मई 2008). SEEING SPIRITUAL INDIA. iUniverse. ISBN 9780595614523.
- ↑ Hendley, Thomas Holbein (1876). The Jeypore Guide. Raj Press. p. 20.
- ↑ "Unique temple in Jaipur".
- ↑ "जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर का उदयपुर से है पुराना नाता". मूल से से 15 सितंबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "Ganesh Chaturthi Special".
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 14 जून 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 25 नवंबर 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ http://www.merinews.com/article/jaipurs-moti-dungri-ganesha-temple-decked-up-for-ganesh-chaturthi-festival/15919236.shtml
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 9 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ http://www.loksatta.com/desh-videsh-news/dungri-ladoo-exhibition-on-ganesha-chaturthi-1293785
- ↑ http://www.khaskhabar.com/picture-news/news-temple-adorned-in-beads-float-modkon-1-76945-KKN.html
- ↑ "Jaipur devotees throng Royal Moti Dungri Shiva Temple". मूल से से 9 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "Royal Moti Dungri Shiv Temple opened for public on Maha Shivratri". मूल से से 4 सितंबर 2019 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "सिर्फ शिवरात्रि पर खुलते हैं इस मंदिर के द्वार". मूल से से 9 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "Ganesh Chaturthi 2023". मूल से से 24 जून 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 12 अक्तूबर 2025 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ Data Ltd, Goyal, Ashutosh (19 अक्टूबर 2015). RBS Visitors Guide India - Rajasthan.
{{cite book}}: CS1 maint: multiple names: authors list (link) - ↑ "Temple Profile: Mandir Shri Ganesh Ji".
- ↑ K, Reena. "मोती डूंगरी गणेश मंदिर". मूल से से 25 दिसंबर 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 अप्रैल 2025.
- ↑ "Temple Profile: Mandir Shri Ganesh Ji".