मैत्रेयी पुष्पा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

[[|thumb| मैत्रेयी पुष्पा एक हिंदी कथा लेखक है। हिन्दी में एक प्रख्यात लेखक, मैत्रेयी पुष्पा उसे क्रेडिट के लिए दस उपन्यास और सात लघु कहानी संग्रह है]] मैत्रेयी पुष्पा (30 नवंबर, 1944) हिंदी साहित्यकार है। मैत्रेयी पुष्पा को हिन्दी अकादमी दिल्ली का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।[1]

जीवन[संपादित करें]

उनका जन्म अलीगढ़ जिले के सिकुर्रा गांव में हुआ। उनके जीवन का आरंभिक भाग बुंदेलखण्ड में बीता।

शिक्षा[संपादित करें]

उनकी आरंभिक शिक्षा झांसी जिले के खिल्ली गांव में तथा एम.ए.(हिंदी साहित्य) बुंदेलखंड कालेज, झाँसी में हुआ।

कृतियाँ[संपादित करें]

उपन्यास[संपादित करें]

  • चाक (२००४)
  • अल्मा कबूतरी
  • कहै ईसुरी फाग
  • बेतवा बहती रही
  • चिन्‍हार
  • इदन्‍नमम
  • गुनाह बेगुनाह

आत्‍मकथा[संपादित करें]

कहानी संग्रह[संपादित करें]

  • चिन्हार
  • ललमनियाँ तथा अन्‍य कहानियां
  • त्रिया हठ
  • फैसला
  • सिस्टर
  • सेंध
  • अब फूल नहीं खिलते
  • बोझ
  • पगला गई है भागवती
  • छाँह
  • तुम किसकी हो बिन्नी?

कविता संग्रह[संपादित करें]

  • लकीरें

यात्रा संस्‍मरण[संपादित करें]

  • अगनपाखी

लेख संग्रह[संपादित करें]

  • खुली खिड़कियां

सम्मान[संपादित करें]

  • हिंदी अकादमी द्वारा साहित्य कृति सम्मान
  • कहानी 'फ़ैसला' पर कथा पुरस्कार मिला
  • 'बेतवा बहती रही' उपन्यास पर उ.प्र. हिंदी संस्थान द्वारा प्रेमचंद सम्मान
  • 'इदन्नमम' उपन्यास पर शाश्वती संस्था बंगलौर द्वारा नंजनागुडु तिरुमालंबा पुरस्कार
  • म.प्र. साहित्य परिषद द्वारा वीरसिंह देव सम्मान
  • वनमाली सम्‍मान 2011[2]

बाहरी कडियाँ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]