मेहरदाद प्रथम (पहलवी साम्राज्य)
| मेहरदाद प्रथम 𐭌𐭄𐭓𐭃𐭕 | |
|---|---|
| शहंशाह अर्शक फ़िलहलीन | |
चतुर्द्रम्म पर मेहरदाद प्रथम का चित्र | |
| पहलवी साम्राज्य के राजा | |
| शासनावधि | 165 – 132 ई.पू. |
| पूर्ववर्ती | फ़रहाद प्रथम |
| उत्तरवर्ती | फ़रहाद द्वितीय |
| निधन | 132 ई.पू. |
| जीवनसंगी | रिनू |
| संतान | रोडोगून फ़रहाद द्वितीय |
| पिता | प्रियपैटियस |
मेहरदाद प्रथम (पहलवी: 𐭌𐭄𐭓𐭃𐭕) या मेहरदाद महान,[1] 165 से 132 ई.पू. तक पहलवी साम्राज्य का राजा था। उसके शासनकाल के दौरान, पहलव पूर्वी विश्व की एक बड़ी राजनीतिक इकाई बनी।[2] उसने पहले 163 – 155 ई.पू. में सरयु, मार्जियाना और पश्चिमी बाख़्त्र को यवन-बाख़्त्री राज्य से लिया, फिर सेल्युकसी साम्राज्य से युद्ध करके मीडिया और अट्रोपेटीन पाया। 141 ई.पू. में उसने बाबिल को क़ब्ज़ा किया। बाद में एलिमै और कैरासीन पहलवी साम्राज्य में शामिल हुए। ल॰ 140 ई.पू. में, जब मेहरदाद पूर्व में शक से लड़ रहा था, सेल्युकसी राजा डमीत्रियस द्वितीय निकेटर ने अपने खोए गय क्षत्रों को पाने का प्रयास किया और उसमे सफल रहा, किन्तु 138 ई.पू. में मेहरदाद ने उसे हराकर क़ैद किया।
मेहरदाद प्रथम शहंशाह उपाधि का प्रयोग करने वाला पहला पहलवी राजा था। अपनी उपलब्धियों के कारण, उसकी तुलना हख़ामनी साम्राज्य के संस्थापक साइरस महान से की जाती है।[3] मेहरदाद प्रथम की मृत्यु 132 ई.पू. में हुई और उसका पुत्र फ़रहाद द्वितीय उत्तराधिकारी बना।
- ↑ Dąbrowa 2012, p. 169.
- ↑ Frye 1984, p. 211.
- ↑ Katouzian 2009, p. 41.