उदयपुर रियासत

मेवाड़ राज्य या उदयपुर रियासत ब्रिटिश शासन काल में भारत की एक रियासत थी। इसकी स्थापना ५३० ई के आसपास हुई थी। इसकी प्रथम राजधानी चित्तौड़गढ़ थी। पहले इस इलाके पर मौर्य राजवंश के शासक चित्रांगद मौर्य का शासन था। शिसोदिया वंश के पूर्वज ने छल से चित्रांगद मौर्य की हत्या करके संपूर्ण क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। बाद में उदयपुर इसकी राजधानी हो गयी और धीरे-धीरे इसे उदयपुर राज्य कहा जाने लगा। यहां के राजा अंग्रेजों के जमींदार के रूप में सेवा दे रहे थे। यह राजघराना सदैव ही अंग्रेजी सत्ता के प्रति निष्ठावान रहा था। 1857 ईस्वी की क्रांति के दौरान उदयपुर की सेना ने अंग्रेजों का साथ देते हुए भारतीय स्वतंत्रता सेनानी के खिलाफ अभियान चलाया था। इसके एवज मे अंग्रेजों के द्वारा इन्हें पदवी एवं अन्य उपहारों से सम्मानित किया गया था। १९४९ में भारत के स्वतन्त्र होने पर यह भारत में विलीन कर लिया गया।
लॉर्ड डलहौजी द्वारा 1852 में उदेपुर (मध्यप्रदेश) का विलय किया गया था ना की उदयपुर (राजस्थान)का कृपया इसे शुद्ध करे
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