मेडुसा

मेडुसा ग्रीक पौराणिक कथाओं में, (/ mɪ ˈdjuːzə, -sə /; प्राचीन यूनानी : Μέδουσα, रोमनकृत : Médousa , शाब्दिक अर्थ 'संरक्षक, रक्षक'), जिसे "गोर्गो" (प्राचीन यूनानी : Γοργώ) या गोरगन भी कहा जाता है, तीन गोरगन बहनों में से एक थी। मेडुसा को आम तौर पर बालों की जगह जीवित सांप वाली महिला के रूप में वर्णित किया जाता है; उसका रूप इतना वीभत्स था कि जो कोई भी उसे देखता था वह पत्थर में बदल जाता था। मेडुसा और उसकी गोर्गन बहनें 'यूराइल' और 'स्टेनो' को आम तौर पर समुद्री देवता 'फोर्सीस' और 'सेटो' की बेटियों के रूप में वर्णित किया जाता था।
यूनानी नायक पर्सियस ने खुद के लाभ के लिए मेडुसा का सिर काट दिया क्योंकि मेडुसा सिर में ऐसी शक्ति थी कि जो कोई भी उसे देखता, वह पत्थर बन जाता। पर्सियस ने इसे अपने शत्रुओं को पराजित करने के लिए इसे हथियार के रूप में प्रयोग किया। बाद में उसने यह सिर देवी एथेना को भेंट किया, जिन्होंने इसे अपनी ढाल पर स्थापित किया। पौराणिक कथाओं में, मेडुसा का सिर "गोर्गोनियन" नामक दुष्ट-निवारक यंत्र के में दर्शाया जाता था।
आधुनिक व्याख्याएँ
[संपादित करें]नारीवाद
[संपादित करें]
20वीं सदी में, नारीवादियों ने साहित्य और आधुनिक संस्कृति में मेडुसा की उपस्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया। इस दौरान फैशन ब्रांड वर्साचे ने मेडुसा का उपयोग किया, जिसमें उन्होंने मेडुसा की शक्तियों और आकर्षण को आधुनिक तरीके से दर्शाया।[1] "मेडुसा" नाम का प्रयोग अक्सर सीधे पौराणिक कथा से नहीं जुड़ा होता, बल्कि उसकी क्रूरता या शक्तिशाली प्रभाव को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यद्यपि मूल रूप से उसे सुंदर माना जाता था, फिर भी आम बोलचाल और आधुनिक संदर्भ में यह नाम अक्सर "राक्षस" या भयावह शक्ति का प्रतीक बन गया। इस प्रकार, मेडुसा का प्रतीक समय, संस्कृति और संदर्भ के अनुसार बदलता रहा।[2][3]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ ""वर्साचे का मेडुसा सिर का चिन्ह"।". gevrilgroup.com.
- ↑ प्रैट, ए॰ (1994). कविता में पुरातात्विक सशक्तिकरण: मेडुसा, देवी और भालू—लिंग दृष्टि से तुलनात्मक अध्ययन. ब्लूमिंगटन: इंडियाना यूनिवर्सिटी प्रेस ISBN 0-253-20865-3
- ↑ स्टेपसॉन ए॰ जी॰ (1997). "अनंत मेडुसा: यूडोरा वेल्टी के उपन्यासों में मेडुसा की छवि और नायक की कथा का नारीवादी अध्ययन"