मेटल डिटेक्टर

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यह वैद्युत चुंबकत्व के सिद्धांत पर आधृत, 1937 में जेरार्ड फिशर द्वारा आविष्कृत, धात्विक वस्तुओं का पता लगाने वाला यंत्र है। इसमें एक दोलक होता है जो अल्टरनेट करंट उत्पन्न करता है जो कुंडली में से प्रवाहित होकर अलग चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। इसमें एक कुंडली का इस्तेमाल चुंबकीय क्षेत्र को मापने के लिए किया जाता है, चुंबकीय पदार्थ के होने पर चुंबकीय क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन के आधार पर इसको मापा जाता है। इसमें लगे माइक्रोप्रोसेसर धातु का पता लगाते हैं। मेटल डिटेक्टर वैद्युत चुंबकत्व के सिद्धांत पर काम करते हैं। अलग-अलग कार्यो के इस्तेमाल के लिहाज से मेटल डिटेक्टरों की संवेदनशीलता अलग होती है।

आविष्कार का इतिहास[संपादित करें]

उपयोग[संपादित करें]

इसका प्रयोग धातु से जुड़े सामानों, लैंड माइंस, हथियारों का पता लगाने में किया जाता है।

संदर्भ एवं सहायक श्रोत[संपादित करें]

हिंदुस्तान दैनिक