मूर्च्छा

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मूर्च्छा (syncope) या बेहोशी मानव शरीर की वह स्थिति है जिसमें उसकी चैतन्य शक्ति और मांसपेशियो की शक्ति समाप्त हो जाती है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में किसी बाहरी या अंदरूनी चोट के कारण बहुत ज्यादा रक्तस्राव होता है; किसी प्रकार के शॉक से अचानक हृदय पर दबाव पड़ता है, तापमान कम हो जाता है, शरीर को झटका लगता है या कोई अचानक गिर जाए तो भी बेहोशी की स्थिति होती है।

बेहोशी कभी-कभी किसी बीमारी के कारण भी हो जाती है। बेहोशी के लक्षण में चेहरे एवम होंठो पर अस्वाभाविक पीलापन उत्पन्न हो जाता है। शरीर की त्वचा ठंडी एवम चिपचिपी हो जाती है। बेचैनी और थकावट महसूस होना बेहोशी से पहले आम बात है। सर का चकराना, दृष्टि भ्रम होना यह सब लक्षण बेहोशी के होते हैं। [1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Kenny, RA; Bhangu, J; King-Kallimanis, BL (2013). "Epidemiology of syncope/collapse in younger and older Western patient populations.". Progress in cardiovascular diseases. 55 (4): 357–63.