मुहम्मद जूनागढ़ी
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मुहम्मद जूनागढ़ी محمد جوناگڑھی | |
|---|---|
| उपाधि | खातिबे हिंद |
| व्यक्तिगत जीवन | |
| जन्म | 1891 |
| मृत्यु | 1941 |
| मुख्य रुचि(याँ) | तफसीर, इल्म अल-हदीथ, अक़ीदह, फ़िक़्ह |
| उल्लेखनीय रचना(एँ) | कुरान का उर्दू अनुवाद तफसीर इब्ने कसीर का उर्दू अनुवाद |
| शिक्षा | मदरसा अमिनिया मदरसा दारुल किताब वा अल-सुन्ना |
| धार्मिक जीवन | |
| धर्म | इस्लाम |
| संप्रदाय | सुन्नी |
| पंथ | अथारी |
| आंदोलन | अहल अल-हदीस |
मुहम्मद इब्न इब्राहिम जुनागढी (जन्म:1890–1941) मुहम्मद जूनागढी के नाम से जाना जाता है, भारतीय इस्लामी आलिम जिन्होंने अखिल भारतीय अहल-ए हदीस सम्मेलन की सह-स्थापना की और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। महत्वपूर्ण मध्ययुगीन इस्लामी न्यायशास्त्री, धर्मशास्त्री और आध्यात्मिक लेखक। इब्न क़यिम की इलाम उल मुवाकी 'एन रब्ब इल' आलमीन और इब्ने कसीर की कुरआन की व्याख्या का उर्दू भाषा में अनुवाद किया था।[1][2][3]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Mohammadi 2019, p. 548.
- ↑ "تحریک پاکستان میں علماء اہل حدیث کا کردار | Tehreek-e-Pakistan-Me-Ulmae-Ahle-Hadith-Ka-Kirdar". kitabosunnat.comkutub-library (उर्दू भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-03-27.
- ↑ The Pakistan National Bibliography (अंग्रेज़ी भाषा में). Government of Pakistan, Directorate of Archives & Libraries, National Bibliographical Unit. 1985. p. 20.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- अहसानुल बयान कुरान हिंदी अनुवाद, मुहम्मद जूनागढ़ी