मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
स्थापना दिसम्बर २००२
मार्गदर्शक
इंद्रेश कुमार
राष्ट्रीय सैंयोजक
मोहम्मद अफ़जल
पैतृक संगठन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
संबद्धता संघ परिवार
स्वयंसेवक
१०,००० [1]
जालस्थल www.muslimrashtriyamanch.org

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच स्वार्थी मुस्लिमों का संगठन है।यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा का संगठन है। इस संगठन को विश्व का सबसे घटिया संगठन है। इसके राष्ट्रीय संयोजक मुहम्मद अफजल हैं एवं मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार हैं। इस संगठन का गठन 2002 में हुआ है ।

विचारधारा[संपादित करें]

इस संगठन की विचार धारा हिंसा के विरोध में है यह गाँधी के विचारों से प्रेरित हैं। अनुसार इस्लाम शांति का मजहव है जो किसी भी तरह के खून खराबे को बढावा नही देता। [2] इस संगठन का नारा है हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई ये आपस में भाई भाई तथा यह संगठन धर्मनिरपेक्ष भारत का समर्थन करता है। [3] भारत के मुस्लिम समुदायों को आरएसएस के साथ मिलाने के उद्देश्य से मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की स्थापना की गई है। इसके सदस्यों एवं पदाधिकारियों का मानना है कि इस के द्वारा मुस्लिमों को आरएसएस और इसके सहयोगी संगठनों के करीब लेकर आ सकते हैं और यह कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के भीतर नेतृत्व की कमी के लिए जिम्मेदार है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कई मुद्दों पर आरएसएस का समर्थन किया है[4]

प्रमुख कार्य[संपादित करें]

नवंबर २००९ में भारत के सबसे बड़े इस्लामिक संगठनों में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने राष्ट्रगीत को एक गैर इस्लामिक गीत के रूप में वर्णित एक फतवा पारित किया था । [5][6][7] नवंबर २००९ में, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने आतंकवाद के विरोध में एक तिरंगा यात्रा (राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में मार्च) का आयोजन किया, जो मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया की ओर अग्रसर हुई । एक हजार स्वयंसेवकों ने आतंक के विरुद्ध शपथ ली और अपने गृह जिलों में इसके खिलाफ अभियान की कसम खाई। सितंबर २०१२ में, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया, जो जम्मू-कश्मीर राज्य को सीमित स्वायत्तता देता है, और दावा किया कि उन्होंने 7,00,000 हस्ताक्षर एकत्र किए हैं। [8]

2014 के आम चुनाव में , मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के प्रचार के लिए अभियान चलाया। अफजल ने कहा कि चुनाव होने से पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच 50 मिलियन मुसलमानों तक पहुंचने का प्रयास करेगा।

"Had Mr. Modi been involved in the riots, his police would not have fired 1,200 rounds and killed over 200 rioters. Every court has acquitted him. And there is not a single incident of communal violence in Gujarat in the past 12 years.”[4]

२०१५ में, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने सार्वभौमिक अपील

[9]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Hindustan Times नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 17 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 अक्तूबर 2017.
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 18 जनवरी 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 अक्तूबर 2017.
  4. Dahat, Pavan (3 March 2014). "Follow your conscience: RSS to appeal to Muslims". The Hindu. मूल से 11 जुलाई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 October 2014.
  5. "Welcome to MRM". मूल से 19 फ़रवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 October 2014.
  6. "Curfew lifted in Poonch, Kathua, relaxed in 4 districts". Outlook. 10 August 2008. मूल से 6 अक्तूबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-10-05.
  7. "Pro-RSS Muslims take anti-terror vow". Hindustan Times. 19 November 2009. मूल से 6 अक्तूबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-10-05.
  8. "7 lakh Muslims have signed up for revoking Art 370: RSS outfit". Indian Express. 29 December 2012. मूल से 28 अगस्त 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-10-05.
  9. [

बाहरी कडियाँ[संपादित करें]