मुर्शिदाबाद हिंसा
| Murshidabad violence | |
|---|---|
| तिथि | ८ अप्रिल - १३ अप्रिल २०२५ |
| स्थान | मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल, भारत 24°11′N 88°16′E / 24.18°N 88.27°E |
| कारण | वक़्फ (संशोधन) कानून, २०२५ |
| तरीकें | नारेबाजी, दंगे, पत्थर-फेक, लूट, आगजनी, भीड |
| Casualties | |
| मृत्यु | ३[1] |
| चोटिल | १०[2] |
| गिरफ्तार | २७४+ |
मुर्शिदाबाद हिंसा, वक्फ (संशोधन) कानून, २०२५ के विरोध के बाद अप्रैल २०२५ में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदबाद जिल्ले में हुई हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला को संदर्भित करती है। दंगे के कारण कई मृत्यु, क्षति, व सार्वजनिक और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ।[3][4]
हिंसा में राष्ट्रीय राजमार्ग १२ को अवरुद्ध करना, आरक्षी(पोलिस) वाहनों की आगजनी, एक स्थानीय कार्यालय पर हमले और निमतिता रेलवे स्टेशन पर ट्रेन सेवाओं को बाधित करना शामिल था। स्त्रीयों व बच्चों सहित ४०० से अधिक लोग भी प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित हुए और बाजू में मालदा जिले में शरण ली।[5]
प्रतिक्रीया में अधिक सुरक्षा बलों को नियोजित किया गया, इंटरनेट सेवाओं को निलंबित किया और कलकत्ता उच्च न्यायालय ने व्यवस्था बहाल करने के लिए केंद्रीय बलों की नियोजित करने का आज्ञा दिया। राजनीतिक दलों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं, जिसमें भाजपा ने राज्य सरकार की आलोचना की और टीएमसी ने बाहरी संलिप्तता का आरोप लगाया।
पृष्ठभूमि
[संपादित करें]वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को संसद के दोनों सभा द्वारा लंबी विवाद के बाद पारित किया गया था। इसे ५ अप्रैल २०२५ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपतीय स्वीकृति मिली और अधिकृत रूप से अधिसूचित किया गया, जो ८ अप्रैल २०२५को प्रभावी हुआ।[6][7]
इस कानून ने देशभर में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और शासन में महत्वपूर्ण बदलाव लाए। आलोचकों का कहना था कि संशोधनों ने धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों का उल्लंघन किया, जिससे व्यापक चिंताएं पैदा हुईं, विशेष रूप से मुसलमान समुदायों के अन्दर।[8]
पश्चिम बंगाल में, जहाँ मुसलमानों की बड़ी जनसंख्या है, इस अधिनियम का विरोध हुआ। विभिन्न समूहों ने अपना असंतोष व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन किए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आश्वासन की कि पश्चिम बंगाल में अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन फिर भी इसके बावजूद प्रदर्शन तेज होते लगे, विशेष रूप में मुर्शिदाबाद जिल्ले में।[9]
पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शनें जल्दी ही हिंसक हो गये, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन अभिकरण के बीच झड़पें हुईं। अशांति अंततः दुर्घटनाएँ, संपत्ति की क्षति, और सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान हुई, जिससे कलकत्ता उच्च न्यायालय के आज्ञा के बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के हस्तक्षेप को प्रेरित किया गया।[10]
प्रदर्शन और हिंसा
[संपादित करें]वक़्फ (संशोधन) कानून, २०२५ के विरोध के बाद अप्रैल २०२५ की शुरुआत में मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा शुरू हुई। प्रदर्शनकारियों ने संशोधित अधिनियम के प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की, जिसके बारे में माना जाता है कि यह संपत्ति अधिकारों और धार्मिक संस्थानों को प्रभावित करता है। प्रदर्शनें पहले शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हो गये, लेकिन जंगीपुर और उम्रपुर जैसे शहरों में हिंसक झड़पों में बदल गए।[3]
८ अप्रैल २०२५ को, प्रदर्शनकारियों ने उम्रपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग १२ को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और पुलिस वाहनों पर आगजनी की गयी।[7] ११ अप्रैल को स्थिति और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक व निजी वाहनों में तोड़फोड़ की, स्थानीय सांसद खलिलुर रहमान के कार्यालय पर आक्रमण किया और एक पुलिस जीप पर आगजनी की। निमतिता रेलवे स्टेशन पर एक खड़ी ट्रेन पर प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे पटरियों पर बैठने और पथराव के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं।[6][11]
वक़्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन जल्दी ही जिल्ले में हिन्दु अल्पसंख्यकों पर आक्रमण होते गये।[4] यद्यपि भीड़ ने आरोप लगाया कि ये हिन्दु भगवा आतंकवाद से जुड़े थे, लेकिन इस तथ्य को सिद्ध करने के लिए कोई प्रमाण नहीं है। वायरल वीडियो सामने आए जहाँ हिंदुओं के घर पर हिंसा से पहले कथित रूप से स्याही से निशान दिखाया।[12] १२ अप्रैल को, एक हिंसक भीड़ के आक्रमण के कारण एक ही परिवार के दो सदस्यों, हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की मृत्यु हो गई, जब उनके आवास को निशाना बनाया गया था।[13] अशांति के दौरान गोली लगने से एक १७ वर्षीय, इज़ाज़ अहमद शैख की भी मृत्यु हो गई।[14] हिंसक प्रदर्शन और सांप्रदायिक अशांति के बाद, महिलाओं और बच्चों सहित ४०० से अधिक लोग मुर्शिदाबाद जिल्ले के धुलियां, सुती और शमशेरगंज जैसे क्षेत्रों से भाग गए। उन्होंने कथित तौर पर भागीरथी नदी को पार किया और मालदा जिल्ले के पाठशालों में शरण ली, जहां स्थानीय अधिकारियों ने अस्थायी राहत प्रदान की।[15][16][17]
हिंसा में परिणामस्वरूप तीन लोगों की मृत्यु हो गई और दस से अधिक लोग क्षित हुए। अशांति के संबंध में २७४ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और ६० प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।[18] अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १४४ को लागू कर दी, सार्वजनिक समारोहों को प्रतिबंधित कर दिया, और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया।[19]
प्रतिक्रिया
[संपादित करें]मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने व्यवस्था बहाल करने के लिए कई उपाय किए। राज्य प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया और गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए जिले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।[20] मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांति की अपील की और कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025, जिसने विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था, पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा।[9]
- ↑ "3 Killed In Bengal Waqf Protests, Court Orders Deployment Of Central Forces". NDTV (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-04-12.
- ↑ "Waqf protest turns violent in Bengal, mob throws stones at train, cops injured". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 11 April 2025.
- 1 2 "Protest against Waqf law turns violent in Murshidabad again, TMC MP's office ransacked; BSF deployed". The Indian Express (अंग्रेज़ी भाषा में). 12 April 2025.
- 1 2 Som, Moyurie (9 April 2025). "Waqf issue violence: 22 held, Internet suspended in Bengal's Murshidabad". The Hindu (Indian English भाषा में).
- ↑ "Bengal communal violence: 'We have become refugees in our own land… We may never return'". The Indian Express (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-15. अभिगमन तिथि: 2025-04-15.
- 1 2 "Waqf protest turns violent in Bengal, mob throws stones at train, cops injured". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 11 April 2025.
- 1 2 "22 arrested over violence and arson during protests against Waqf Act in Bengal's Murshidabad". The Indian Express (अंग्रेज़ी भाषा में). 9 April 2025.
- ↑ "Waqf bill: India Lok Sabha passes controversial bill on Muslim properties". BBC News (ब्रिटिश अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-02. अभिगमन तिथि: 2025-04-12.
- 1 2 "Won't implement Waqf law, don't incite riots for politics: Mamata Banerjee". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-12. अभिगमन तिथि: 2025-04-12.
- ↑ "Court orders central forces' deployment in Murshidabad over Waqf-related violence". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-12. अभिगमन तिथि: 2025-04-12.
- ↑ "Over 110 arrested in Murshidabad in violence over Waqf Act, internet suspended, raids on in other districts: West Bengal police". The Times of India. 12 April 2025.
- ↑ "Murshidabad violence: 'Hindu families were marked and kept under close watch,' alleges BJP". The Times of India. आईएसएसएन 0971-8257. अभिगमन तिथि: 2025-04-21.
- ↑ Singh, Moyurie Som & Shiv Sahay (2025-04-12). "Waqf act protests: Three killed in fresh violence reported from West Bengal's Murshidabad". The Hindu (Indian English भाषा में). आईएसएसएन 0971-751X. अभिगमन तिथि: 2025-04-14.
- ↑ Singh, Moyurie Som & Shiv Sahay (2025-04-12). "Waqf act protests: Three killed in fresh violence reported from West Bengal's Murshidabad". The Hindu (Indian English भाषा में). आईएसएसएन 0971-751X. अभिगमन तिथि: 2025-04-14.
- ↑ "Bengal communal violence: 'We have become refugees in our own land… We may never return'". The Indian Express (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-15. अभिगमन तिथि: 2025-04-15.
- ↑ "Murshidabad residents who fled homes amid Waqf protest violence begin to return". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-14. अभिगमन तिथि: 2025-04-15.
- ↑ Waje, Hemant. "Hundreds cross Bhagirathi river to flee Murshidabad violence". Rediff (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-04-15.
- ↑ Singh, Shiv Sahay (2025-04-17). "Murshidabad violence: 274 arrested, 60 FIRs lodged". The Hindu (Indian English भाषा में). आईएसएसएन 0971-751X. अभिगमन तिथि: 2025-04-18.
- ↑ "Top cop warns after Bengal Waqf law violence: Stop rumour-mongering now". India Today (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-04-12. अभिगमन तिथि: 2025-04-14.
- ↑ Som, Moyurie (2025-04-09). "Waqf issue violence: 22 held, Internet suspended in Bengal's Murshidabad". The Hindu (Indian English भाषा में). आईएसएसएन 0971-751X. अभिगमन तिथि: 2025-04-14.