रेल गेज
रेल गेज, किसी रेलवे लाइन की दो समानांतर भार वहन पटरियों के शीर्षों के भीतरी पक्षों के बीच की दूरी को परिभाषित करती है। दुनिया की लगभग साठ प्रतिशत रेलवे 1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) मिमी (4 फुट 8 में 1/2) की मानक गेज का उपयोग करती हैं। मानक गेज से चौड़े गेज को ब्रॉड गेज या बड़ी लाइन कहा जाता है, छोटे गेज को नैरो गेज या छोटी लाइन कहते हैं।
जहां भिन्न गेज आपस में मिलते हैं, उसे गेज भंग (ब्रेक ऑफ गेज) कहते हैं। कुछ रेल ट्रैक दोहरे या तिहरे गेज के होते हैं, जिनमें तीन या चार पटरियां होती हैं। इन पर एक से अधिक गेज की गाड़ियां जा सकती हैं।
गेज सह्य सीमा से पता चलता है कि वास्तविक गेज का नाप मानक नाप से सुरक्षा में रहते हुए कितना अंतर तक हो सकता है। उदाहरणतः यू.एस. फेडरल रेलरोड एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़ आर ए) कहता है, कि एक 60 मील/घंटा (96.6 किमी/घंटा) के लिए बनाए गए ट्रैक का गेज 4 फीट 8 इंच (1,422 मि.मी.) और 4 फीट 9+1⁄2 इंच (1,461 mमी॰) के बीच ही होना चाहिए।


इतिहास
[संपादित करें]मानक गेज
[संपादित करें]जो आज मानक गेज कहलाता है, 4 फीट 8½ इंच (1,435 मि.मी.) उसको प्रथम मुख्य-लाइन रेलवे से लिया गया है; जो लिवरपूल एवं मैनचेस्टर रेलवे (L&MR) थी, एवं जिसको ब्रिटिश अभियंता जॉर्ज स्टीफनसन ने कोयला खानों के लिए बनाया था। इसका नाप 4 फीट 8 इंच (1,422 मि.मी.) था। चाहे ये मूल रेल नाप हो, किंतु ना अधिक चौड़ा, ना अधिक संकरा ही था। अतएव इसे मानक अपना लिया गया।
ब्रॉड गेज
[संपादित करें]मानक गेज या 1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) से चौड़े किसी भी गेज को ब्रॉड गेज कहा गया। रशियन, आयरिश, आइबेरियन एवं भारतीय गेज, सभी ब्रॉड गेज होते हैं। ब्रॉड गेज रेलवे का प्रयोग बंदरगाहों पर क्रेन इत्यादि के लिए भी होता है।
रशियन गेज
[संपादित करें]रशियन गेज 1,520 मि.मी. (4 फीट 11⅞ इंच) होता है, व विश्व में दूसरा अधिकतम प्रयोगनीय गेज है।
आयरिश गेज
[संपादित करें]आयरलैंड में रेलवे का मुख्य गेज 5 फीट 3 इंच (1,600 मि.मी.) है। यह कई ऑस्ट्रेलियाई राज्यों में भि मिलता है, जैसे विक्टोरिया, दक्षिणी न्यू साउथ वेल्स, एवं दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया।
आइबेरियन गेज
[संपादित करें]स्पेन एवं पुर्तगाल के मुख्य रेलवे जाल छः कॅस्टिलियन फीट (1,672 मि.मी. (5 फीट 55⁄6 इंच)) तथा पांच पुर्तगाली फीट (1,664 मि.मी. (5 फीट 5½ इंच)) के होते हैं। दोनो गेज पर्याप्त रूप से इतने समान होते हैं, कि इनके बीच रेल आवागमन कर सकतीं हैं। हाल के वर्षों में इन दोनों को व्यवस्थित कर एक मानक गेज, "आइबेरियन गेज" बनाया गया है, जिसे ([ancho ibérico] त्रुटि: {{Lang}}: पाठ में तिरछा मार्कअप है (सहायता) या [trocha ibérica] त्रुटि: {{Lang}}: पाठ में तिरछा मार्कअप है (सहायता) स्पेनिश, [bitola ibérica] त्रुटि: {{Lang}}: पाठ में तिरछा मार्कअप है (सहायता) पुर्तगाली) भाषा में कहते हैं। इसका नाप 1,668 मि.मी. (5 फीट 5⅔ इंच) रखा गया है। हालांकि इस गैर-मानक गेज को अपनाने की मूल वजह फ्रांसीसी हमले से बचाव बताया गया था।[1].
भारतीय गेज
[संपादित करें]5 फीट 6 इंच / 1,676 मिमी, एक ब्रॉड गेज, भारत, पाकिस्तान, पश्चिमी बांग्लादेश, श्रीलंका, अर्जेंटीना, चिली और सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र में BART (बे एरिया रैपिड ट्रांजिट) पर इस्तेमाल किया जाने वाला ट्रैक गेज है।
उत्तरी अमेरिका में, इसे "प्रोविंशियल" (प्रांतीय के लिए अंग्रेजी), "पोर्टलैंड" या "टेक्सास" गेज कहा जाता है। अर्जेंटीना में, इसे "ट्रोचा एनचा" (ब्रॉड गेज के लिए स्पेनिश) के रूप में जाना जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में इसे "ब्रॉड गेज" के रूप में जाना जाता है। अन्य देशो में इसे "भारतीय गेज" के रूप में जाना जाता है। यह दुनिया में नियमित यात्री उपयोग में सबसे चौड़ा गेज है।
नैरो गेज
[संपादित करें]कुछ देशो में नैरो गेज वहा की प्रमुख गेज है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में प्रयोगनीय नैरो गेज है:
- 1,067 mमी॰ (3 फीट 6 इंच) केप गेज, उदा० दक्षिणी एवं मध्य अफ्रीका, इंडोनेशिया, ताईवान, फिलिपींस, जापान, न्यू ज़ीलैंड तथा कुछ ऑस्ट्रेलिया।
- 1,000 मि.मी. (3 फीट 3⅜ इंच) मीटर गेज, उदा० दक्ष्ण पूर्वी एशिया, पूर्वी अफ्रीका, दक्षिणी अमरीका।
- 900 मि.मी. (2 फीट 11½ इंच) उदा० मध्य अमेरिका, डिज़नीलैंड रेलमार्ग (पेरिस), डिज़नीलैंड रेलमार्ग (होन्ग कोंग), तथा कुछ स्वीडन।
- 762 mमी॰ (2 फीट 6 इंच) उदा० विश्वभर में विरासत रेलवे में प्रयोग।
- 600 मि.मी. (1 फीट 11⅝ इंच) उदा० विश्वभर में विरासत रेलवे में प्रयोग।
प्रधान गेज
[संपादित करें]| फीट' इंच" | मि.मी. |
|---|---|
| 5' 6" | 1676 |
| 5' 5.85" | 1668 |
| 5' 3" | 1600 |
| 5' | 1524 |
| 4' 11.85" | 1520 |
| 4' 8.5" | 1435 |
| 4' 6" | 1372 |
| 3' 6" | 1067 |
| 3' 5.35" | 1050 |
| 3' 3.37" | 1000 |
| 3' 4.1" | 950 |
| 3' | 914 |
| 2' 6" | 762 |
| 2' 5.55" | 750 |
| 2' | 610 |
| 1' 11.6" | 600 |

| गेज | नाम | स्थापना | प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1,676 mमी॰ (5 फीट 6 इंच) | भारतीय गेज | भारत, पाकिस्तान, पश्चिमी बांग्लादेश, श्रीलंका, अर्जेंटीना, चिली और सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र में BART (बे एरिया रैपिड ट्रांजिट) | |
| 1,668 मि.मी. (5 फीट 5⅔ इंच) | आइबेरियन गेज | 14,337.2 किमी (2007)
+ 21 किमी स्पेन में मिश्रित गेज (आइबेरियन+UIC, एक ही स्लीपर पर तीन रेल पटरियां) |
पुर्तगाल, स्पेन |
| 1,600 mमी॰ (5 फीट 3 इंच) | आयरिश गेज | 9,800 किमी | आयरलैंड एवं ऑस्ट्रेलिया में महत्वपूर्ण माइनर गेज -विक्टोरियन गेज (4,017 किमी), ब्राज़ील (4,057 km) |
| 1,524 mमी॰ (5 फीट) | रशियन गेज | 7,000 km | फिनलैंड, एस्टोनिया |
| 1,520 मि.मी. (4 फीट 11⅞ इंच) | 220,000 km | CIS राज्य, लैट्विया, लिथुआनिया, मंगोलिया | |
| 1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) | मानक गेज | 720,000 km | यूरोप, उत्तरी अमरीका, चीन, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मध्य-पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, मेक्सिको, क्यूबा, पनामा, वेनेज़्यूला, पेरू, युरुग्वे (विश्व की रेलवे का ६०%) साथ ही जापान एवं स्पेन की उच्च-गति रेल लाइनें। |
| 1,067 mमी॰ (3 फीट 6 इंच) | केप गेज | 112,000 km | दक्षिणी एवं मध्य अफ्रीका, इंडोनिशिया, जापान, ताइवान, फिलिपींस, न्यू ज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया (खुछ भाग) |
| 1,000 मि.मी. (3 फीट 3⅜ इंच) | मीटर गेज | 95,000 km | दक्षिण पूर्व एशिया, ब्राज़ील (23,489 किमी), बोलीविया, उत्तरी चिली, केन्या, युगांडा |
स्थापना तिथि फोरम1520 से, सिवाय आयरिश के।
पूर्ण ब्यौरे हेतु देखें: रेल गेज की सूची
टिप्पणी: रशियन गेज 1524 मिमी या 1520 मिमी हो सकता है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Ancho de via". 29 मई 2009 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 15 मई 2009.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- A history of track gauge by George W. Hilton
- "Railroad Gauge Width". 17 जुलाई 2012 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 15 मई 2009. — A list of railway gauges used or being used worldwide, including gauges that are obsolete.
- European Railway Agency: 1520 mm systems[मृत कड़ियाँ] (issues with the participation of 1520/1524 mm gauge countries in the EU rail network)
- The Indian Railways FAQ: Gauges
- The Days they Changed the Gauge in the U.S. South
- The myth that standard gauge derives from the specification for an Imperial Roman war chariot. (Urban Legends Reference Pages)