मिल्कियत
मिल्कियत (अंग्रेज़ी: Fief, लातिन: feudum) मध्य युग में सामंतवाद पर आधारित समझौतों का एक मुख्य हिस्सा था। इसमें किसी सामंत (Overlord) द्वारा अपने अधीन जागीरदार (Vassel) को दी गई संपत्ति या अन्य अधिकार शामिल होते थे।[1] जागीरदार इसे सामंती वफ़ादारी, सेवाओं या भुगतान के बदले में अपने पास रखता था। ये मिल्कियत अक्सर ज़मीन, ज़मीन से मिलने वाला लगान या जल चक्की जैसी संप्राप्ति वाली संपत्ति होती थी, जिसे सामंती भू-व्यवस्था के तहत रखा जाता था। हालाँकि, सिर्फ़ ज़मीन ही नहीं, बल्कि किसी भी कीमती चीज़ को अधिकार के तौर पर रखा जा सकता था, जैसे सरकारी पद, शिकार, मछली पकड़ने या पेड़ काटने जैसे दोहन के अधिकार, व्यापार पर एकाधिकार, नकद किराया और कर वसूलने का अधिकार इत्यादि। सामंती व्यवस्था का कोई एक मानक रूप कभी नहीं रहा, और न ही मिल्कियत का ही कोई एक प्रकार था। समय के साथ और अलग-अलग इलाकों के हिसाब से, एक ही बुनियादी कानूनी सिद्धांतों का इस्तेमाल करते हुए कई तरह की प्रथाएँ प्रचलित रहीं।[2][3]
शब्दावली
[संपादित करें]प्राचीन रोम में, बेनिफिस (लातिन: beneficium, जिसका मतलब है "फ़ायदा") राज्य के लिए की गई सेवाओं के इनाम के तौर पर आजीवन दी गई ज़मीन को कहा जाता था। मध्यकालीन लैटिन यूरोपीय दस्तावेज़ों में, सेवा के बदले ज़मीन देने को बेनिफिसियम ही कहा जाता था। बाद के दस्तावेज़ों में मिल्कियत (Feudum) शब्द का इस्तेमाल होने लगा।[4]
शुरुआती सामंती अनुदान
[संपादित करें]आरंभ में, मिल्कियत अधिकार का मतलब ज़मीन देना या लेना नहीं होता था। ज़मीन तो सिर्फ़ वफ़ादारी के इनाम के तौर पर ही दी जाती थी। 8वीं सदी आते-आते मिल्कियत अधिकार के तौर पर ज़मीन देना आम बात हो गई थी। किसी जागीरदार को ज़मीन देने से सामंत के संपत्ति के अधिकार खत्म नहीं होते थे, बल्कि सिर्फ़ ज़मीन के इस्तेमाल और उससे होने वाली कमाई का अधिकार दिया जाता था। ज़मीन देने वाले सामंत के पास ही उस ज़मीन का असली मालिकाना हक रहता था और जागीरदार के वफ़ादारी न दिखाने या मृत्यु पर वह ज़मीन वापस ले सकता था।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Fief" [मिल्कियत]. मेरियम वेबस्टर (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ एलिजाबेथ ए.आर., ब्राउन. "Feudalism : social system" [सामंतवाद: सामाजिक व्यवस्था]. ब्रिटानिका (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ सुज़ैन, रेनॉल्ड्स (1996). Fiefs and Vassals [मिल्कियत और जागीरदार] (अंग्रेज़ी भाषा में). क्लेरेंडन प्रेस. p. 48. ISBN 9780198206484. अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ साइरस एच., गॉर्डन (1997). Boundaries of the Ancient Near Eastern World [प्राचीन निकट पूर्वी दुनिया की सीमाएँ] (अंग्रेज़ी भाषा में). ब्लूम्सबरी प्रकाशन. p. 248. ISBN 9780567518552.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| मिल्कियत से संबंधित मीडिया विकिमीडिया कॉमंस पर उपलब्ध है। |