सामग्री पर जाएँ

मिनीकंप्यूटर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
PDP-11 मिनीकंप्यूटर

मिनीकंप्यूटर (अंग्रेज़ी: Minicomputer)

डिजिटल इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन (DEC) द्वारा 1957 से 1979 के बीच उत्पादित छह अलग-अलग ऐतिहासिक मिनीकंप्यूटर मॉडल।

एक मिनीकंप्यूटर (Minicomputer), जिसे बोलचाल की भाषा में केवल मिनी (Mini) भी कहा जाता है, सामान्य-उद्देश्यीय कंप्यूटरों (General-purpose computers) की एक ऐतिहासिक श्रेणी है जिसका विकास 1960 के दशक के मध्य में हुआ था।[1] ये कंप्यूटर अपने समय के विशालकाय और अत्यधिक महंगे मेनफ्रेम कंप्यूटर की तुलना में आकार में काफी छोटे, निर्माण में सरल और कीमत में बहुत सस्ते होते थे।[2]

कंप्यूटर इतिहास में इस श्रेणी ने अपना एक अनूठा सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर और समर्पित ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया था। मिनीकंप्यूटरों को विशेष रूप से औद्योगिक नियंत्रण (Process Control), वैज्ञानिक उपकरण-मापन (Instrumentation), प्रयोगशाला अनुसंधान और संचार स्विचिंग जैसे कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया था, जो इन्हें डेटाबेस रिकॉर्ड रखने वाले पारंपरिक मेनफ्रेम से अलग बनाते थे। 1965 से 1985 के बीच इसके स्वर्णकाल में दुनिया भर में लगभग 100 मिनीकंप्यूटर निर्माता कंपनियां सक्रिय थीं, लेकिन 1980 के दशक के उत्तरार्ध में माइक्रोप्रोसेसरों के उदय के कारण इस श्रेणी का धीरे-धीरे अंत हो गया।[3]

आधुनिक युग में, मिनीकंप्यूटरों की भूमिका को व्यापक रूप से मिडरेंज कंप्यूटर (Midrange computer) या सर्वर (Servers) के रूप में जाना जाता है।

इतिहास और उत्पत्ति

[संपादित करें]

परिभाषा और स्वरूप

[संपादित करें]
डाटा जनरल नोवा (Data General Nova), क्रम संख्या 1, जो शुरुआती 16-बिट मिनीकंप्यूटर युग का एक उत्कृष्ट प्रतीक है।

"मिनीकंप्यूटर" शब्द का आविष्कार 1960 के दशक के मध्य में हुआ था।[4] यह वह दौर था जब ट्रांजिस्टर और 'मैग्नेटिक-कोर मेमोरी' (Magnetic-core memory) तकनीकों के आने से कंप्यूटर का आकार छोटा करना संभव हो गया था। इसके साथ ही इसमें न्यूनतम निर्देश सेट (Minimal Instruction Sets) और सस्ते बाहरी उपकरणों, जैसे कि प्रसिद्ध 'टेलीटाइप मॉडल 33 एएसआर' (Teletype Model 33 ASR) का उपयोग किया जाता था। जहाँ एक पारंपरिक मेनफ्रेम कंप्यूटर पूरे कमरे को घेर लेता था, वहीं ये शुरुआती मिनीकंप्यूटर मात्र एक या दो 19-इंच के रैक कैबिनेट में आसानी से समा जाते थे।

शुरुआती विशेष प्रणालियाँ (1950-1960 ईस्वी)

[संपादित करें]

यदि कंप्यूटिंग शक्ति की तुलना की जाए, तो मिनीकंप्यूटर जैसी प्रणालियाँ 1950 के दशक के अंत से ही वैक्यूम-ट्यूब आधारित ड्रम मशीनों के रूप में उपलब्ध थीं। इनमें UNIVAC 1101 (1950), बेंडिक्स G-15 और LGP-30 (1956) शामिल थे। हालाँकि, ये शुरुआती प्रणालियाँ सामान्य-उद्देश्यीय नहीं थीं और इन्हें किसी विशिष्ट व्यावसायिक भूमिका जैसे इंजीनियरिंग डिज़ाइन या एकाउंटिंग के लिए कस्टम चेसिस पर बनाया जाता था। 1960 के दशक की शुरुआत में आई 'CDC 160' को भी इसकी कम कीमत ($100,000) के कारण शुरुआती मिनीकंप्यूटर का एक मजबूत दावेदार माना जाता है, बशर्ते कि गैर-ट्रांजिस्टर ड्रम मशीनों को इस श्रेणी से बाहर रखा जाए।[5]

1960 और 1970 के दशक का स्वर्णकाल

[संपादित करें]

पीडीपी-8 (PDP-8) की ऐतिहासिक सफलता

[संपादित करें]
1984 में एनालॉग टेप प्लेबैक सिस्टम से जुड़ा हुआ 'वेरियन डेटा मशीन्स' का एक मिनीकंप्यूटर सिस्टम।

अधिकांश कंप्यूटर इतिहासकार 1964 में डिजिटल इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन (DEC) द्वारा पेश किए गए 12-बिट PDP-8 को दुनिया का पहला व्यावसायिक रूप से सफल मिनीकंप्यूटर मानते हैं।[6] इसकी शुरुआती कीमत मात्र $18,500 थी,[7] जिसने इसे वित्तीय रूप से विश्वविद्यालयों और मध्यम उद्योगों के लिए सुलभ बना दिया। पीडीपी-8 की अप्रत्याशित सफलता के कारण इसकी 50,000 से अधिक इकाइयाँ बिकीं, जिसने अमेरिका में 'मैसाचुसेट्स रूट 128' के आसपास एक पूरे मिनीकंप्यूटर उद्योग को जन्म दिया। इस होड़ में डाटा जनरल (Data General), वांग लेबोरेटरीज (Wang Laboratories) और प्राइम कंप्यूटर (Prime Computer) जैसी दिग्गज कंपनियों का उदय हुआ।

16-बिट आर्किटेक्चर का मानकीकरण

[संपादित करें]

1960 के दशक के उत्तरार्ध में 7-बिट ASCII कैरेक्टर सेट के मानकीकरण के बाद, पूरा उद्योग तेजी से 16-बिट वर्ड साइज (Word sizes) की ओर बढ़ गया। 1969 में लॉन्च हुआ 'डाटा जनरल नोवा' इस दौड़ में एक मील का पत्थर साबित हुआ। 1970 के दशक की शुरुआत तक आते-आते डीईसी का प्रसिद्ध PDP-11 भी 16-बिट पर स्थानांतरित हो गया। इस कालखंड में "मिनीकंप्यूटर" शब्द 16-बिट कंप्यूटिंग का पर्याय बन गया था। 1970 के एक सर्वे में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने परिभाषित किया कि 4,000 शब्दों की मेमोरी वाला और फोर्ट्रान (Fortran) या बेसिक (BASIC) भाषा चलाने में सक्षम हर वह कंप्यूटर जो $25,000 से कम का हो, मिनीकंप्यूटर कहलाएगा।[8]

भूकंपीय अन्वेषण और औद्योगिक अनुप्रयोग

[संपादित करें]
1978 में बेनगाज़ी (लीबिया) में तेल और गैस की खोज के लिए डेटा प्रोसेसिंग में उपयोग किया जा रहा रेथियॉन RDS 500 मिनीकंप्यूटर सिस्टम।

1970 के दशक की शुरुआत में तेल और गैस के लिए वैश्विक स्तर पर हुए भूकंपीय अन्वेषण (Seismic Exploration) में मिनीकंप्यूटरों ने क्रांतिकारी भूमिका निभाई। डेटा एकत्र करने वाले खोजी क्रू के ठीक बगल में समर्पित प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए गए, जहाँ 'रेथियॉन डेटा सिस्टम्स' (Raytheon Data Systems) के RDS 704 और बाद में RDS 500 कंप्यूटरों का व्यापक रूप से उपयोग किया गया। इसके अलावा, एकीकृत सर्किट (जैसे 7400-सीरीज़ आईसी) के परिपक्व होने से ये मशीनें टेलीफोन स्विचिंग, ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग और कंप्यूटर-एडेड डिज़ाईन (CAD) उद्योग का मुख्य आधार बन गईं।

1980 और 1990 के दशक में पतन के कारण

[संपादित करें]

सिंगल-चिप माइक्रोप्रोसेसरों का उदय

[संपादित करें]

1970 के दशक के अंत में सिंगल-चिप 16-बिट माइक्रोप्रोसेसरों (जैसे मोटोरोला 68000) के आगमन ने मिनीकंप्यूटरों के एकाधिकार को चुनौती दी। मोटोरोला 68020 और इंटेल 80386 जैसे पूर्ण 32-बिट प्रोसेसरों के आने के बाद व्यक्तिगत डेस्कटॉप कंप्यूटरों (PCs) की प्रसंस्करण गति निम्न-श्रेणी के मिनीकंप्यूटरों के बिल्कुल बराबर पहुंच गई।

मेमोरी, नेटवर्किंग और यूनिक्स (Unix) का प्रभाव

[संपादित करें]

1980 के दशक के उत्तरार्ध तक माइक्रोकंप्यूटरों में भी 1 एमबी रैम और 100 एमबी से अधिक की हार्ड ड्राइव क्षमता बहुत कम लागत पर उपलब्ध हो गई। लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) और ग्राफिक्स-आधारित वर्कस्टेशन के विकास ने बहु-उपयोगकर्ता (Multi-user) प्रणालियों के रूप में मिनीकंप्यूटरों की निर्भरता को खत्म कर दिया। वैज्ञानिक और तकनीकी गणनाओं के लिए, मिनीकंप्यूटरों की जगह सस्ते कमोडिटी पीसी के क्लस्टर्स (Clusters of commodity PCs) ने ले ली। इसके परिणामस्वरूप डीईसी, डाटा जनरल और प्राइम जैसी ऐतिहासिक कंपनियां वित्तीय संकट में आ गईं और 1990 के दशक के अंत तक इस श्रेणी के सभी मूल विक्रेता या तो दिवालिया हो गए या बड़ी कंपनियों द्वारा अधिग्रहित कर लिए गए।

औद्योगिक प्रभाव और आधुनिक विरासत

[संपादित करें]
1974 में मोगादिशू (सोमालिया) में स्थापित रेथियॉन RDS 704 ऑनसाइट प्रोसेसिंग सिस्टम।

भले ही भौतिक रूप से आज के पीसी और सर्वर माइक्रोकंप्यूटर की श्रेणी में आते हैं, लेकिन उनके आर्किटेक्चर, सीपीयू डिज़ाइन और ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास पूरी तरह से मिनीकंप्यूटरों की विरासत पर हुआ है। आधुनिक कंप्यूटरों के मल्टी-यूज़र और मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम सीधे मिनीकंप्यूटर युग की देन हैं। उदाहरण के लिए, प्रसिद्ध यूनिक्स (Unix) मूल रूप से एक मिनीकंप्यूटर ओएस था। इसी प्रकार, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ के सभी आधुनिक संस्करणों का आधार माना जाने वाला विंडोज़ एनटी (Windows NT) कर्नल, अपनी डिज़ाइन के कई महत्वपूर्ण विचार सीधे डीईसी के ओपनवीएमएस (OpenVMS) ऑपरेटिंग सिस्टम से उधार लेता है। इसके अतिरिक्त, पहली पीढ़ी के अधिकांश पीसी प्रोग्रामर मिनीकंप्यूटर प्रणालियों पर ही शिक्षित हुए थे।

प्रमुख उदाहरण

[संपादित करें]
  • डीईसी (DEC) पीडीपी और वैक्स श्रृंखला: कंप्यूटर इतिहास की सबसे प्रभावशाली मिनीकंप्यूटर श्रृंखला (जैसे PDP-8, PDP-11, VAX 11/780)।
  • डाटा जनरल नोवा और एक्लिप्स: 16-बिट और 32-बिट युग की अत्यंत शक्तिशाली और लोकप्रिय प्रणालियाँ।
  • आईबीएम मिडरेंज कंप्यूटर: आईबीएम सिस्टम/34, सिस्टम/36 और प्रसिद्ध एएस/400 (AS/400) जो आज भी आईबीएम पावर सिस्टम्स के रूप में जीवित है।
  • रेथियॉन आरडीएस श्रृंखला: भू-भौतिकीय डेटा विश्लेषण और तेल अन्वेषण में उपयोग किए गए RDS 704 और RDS 500 सिस्टम।
  • ह्यूलेट-पैकर्ड (HP): एचपी 2100 और एचपी 3000 श्रृंखला, जिन्हें बाद में "सर्वर" के रूप में रीब्रांड किया गया।

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]
  1. ↑ Henderson, Rebecca M.; Newell, Richard G., eds. (2011). Accelerating Energy Innovation: Insights from Multiple Sectors. University of Chicago Press. p. 180.
  2. ↑ Huang, Han-Way (2014). The Atmel AVR Microcontroller: MEGA and XMEGA in Assembly and C. Delmar Cengage Learning. p. 4.
  3. ↑ Bell, Gordon (April 2014). "Rise and Fall of Minicomputers". Proceedings of the IEEE. 102 (4). डीओआई:10.1109/JPROC.2014.2306257.
  4. ↑ "Minicomputer". Britannica.com.
  5. ↑ Lafferty, Stephen H. (January 2014). "Who Built The First Minicomputers?".
  6. ↑ Hey, Tony; Hey, Anthony (2014). The Computing Universe: A Journey through a Revolution. Cambridge University Press. p. 165.
  7. ↑ Jones, Douglas. "The Digital Equipment Corporation PDP-8 — Frequently Asked Questions".
  8. ↑ Smith, William D. (April 5, 1970). "Maxi Computers Face Mini Conflict: Mini Trend Reaching Computers". The New York Times.

बाहरी कड़ियाँ

[संपादित करें]