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मालदीव में रमज़ान

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मालदीव में रमज़ान अत्यंत धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। चूँकि मालदीव एक इस्लामी गणराज्य है और इसकी लगभग पूरी आबादी मुस्लिम है, इसलिए रमज़ान यहाँ राष्ट्रीय और धार्मिक दोनों स्तरों पर विशेष महत्व रखता है।

मस्जिदें

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राजधानी माले की मस्जिदों सहित सभी द्वीपों की मस्जिदें रमज़ान के दौरान इबादत करने वालों से भर जाती हैं। पाँचों वक्त की नमाज़ के साथ-साथ तरावीह का विशेष आयोजन किया जाता है और शब-ए-क़द्र की रातों में बड़ी संख्या में लोग इबादत के लिए एकत्र होते हैं। सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के समय में भी रमज़ान के अनुसार परिवर्तन कर दिया जाता है ताकि रोज़ेदारों को सुविधा मिल सके।

रमज़ान में कैदियों का सुधार

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मालदीव के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 2026 के रमज़ान से माफ़ूशी जेल और असीरी जेल, जो देश के प्रमुख सुधार केंद्र हैं - में नियमित रूप से रात की तरावीह नमाज़ अदा की जा रही है। इन नमाज़ों की इमामत के लिए प्रमाणित हाफ़िज़-ए-क़ुरआन नियुक्त किए गए हैं। सुधार अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जेलों में धार्मिक उपासना को संगठित रूप से बढ़ावा देना और कैदियों को रमज़ान के दौरान बेहतर आध्यात्मिक अवसर प्रदान करना है। तरावीह के अतिरिक्त सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों के लिए धार्मिक जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें इस्लामी शिक्षाओं और नैतिक प्रशिक्षण पर बल दिया जाता है ताकि उनकी आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति में सहायता मिल सके। इसके अतिरिक्त रमज़ान के स्वागत हेतु परिचयात्मक कार्यक्रम भी जेलों के भीतर आयोजित किए गए। इस प्रक्रिया में इस्लामिक मामलों का मंत्रालय सहयोग कर रहा है और अतिरिक्त धार्मिक बैठकों का आयोजन कर रहा है, जिनका उद्देश्य नैतिक सुधार और पुनर्वास प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना है। [1]

इफ़्तार के समय मालदीव में पारंपरिक भोजन परोसे जाते हैं, जिनमें मछली से बने व्यंजन, चावल, समोसे-जैसे स्नैक्स (हेधिका़), खजूर और स्थानीय पेय शामिल होते हैं। परिवार और पड़ोसी मिलकर इफ़्तार करते हैं, जिससे सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं। कई स्थानों पर सामूहिक इफ़्तार का भी आयोजन किया जाता है। रमज़ान के दौरान मालदीव के पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों की सुंदर झलक देखने को मिलती है। इफ़्तार की मेज़ विभिन्न स्थानीय स्वादों से सजी होती है। कुछ प्रमुख व्यंजन निम्नलिखित हैं:

1. मास हुनी (Mas Huni) – टूना मछली, नारियल, प्याज़ और मिर्च का मिश्रण, जो प्रायः रोशी (स्थानीय रोटी) के साथ खाया जाता है।

2. बोंडिबाइ (Bondibaiy) – नारियल और इलायची की सुगंध से युक्त मीठी चावल की खीर, जो विशेष रूप से इफ़्तार पर परोसी जाती है।

3. हेदिका़ (Hedhikaa) – मालदीव के पारंपरिक स्नैक्स, जिनमें गुल्हा (तली हुई मछली के पकौड़े) और बाजिया (नमकीन पेस्ट्री) शामिल हैं।

ये व्यंजन न केवल स्वाद में विशिष्ट हैं, बल्कि रमज़ान के दौरान मालदीवी संस्कृति और पारिवारिक मेल-मिलाप की सुंदर अभिव्यक्ति भी प्रस्तुत करते हैं। [2]

परोपकारी कार्य

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रमज़ान के दौरान दान, ज़कात और सामाजिक सेवा को विशेष महत्व दिया जाता है। स्थानीय समुदाय ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं। इफ़्तार के बाद बाज़ारों और तटीय क्षेत्रों में हल्की चहल-पहल दिखाई देती है, किंतु समग्र वातावरण शांत और आध्यात्मिक होता है।

संक्षेप में मालदीव में रमज़ान इबादत, सादगी और सामुदायिक एकता का प्रतीक है, जहाँ इस्लामी परंपराएँ और द्वीपीय संस्कृति सुंदर रूप से एक साथ दिखाई देती हैं।

  1. "Maldives begins Ramadan night prayers in prisons for first time" (अंग्रेज़ी भाषा में). Muslim Network TV. 19 February 2026. अभिगमन तिथि: 24 February 2026.
  2. "Travelling During Ramadan to Maldives" (अंग्रेज़ी भाषा में). Encounters Travel. 2024. अभिगमन तिथि: 24 February 2026.