मार्क्स जनित्र

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
उच्च वोल्टता की प्रयोगशाला में निर्माणाधीन एक मार्क्स जनित्र
मार्क्स जनित्र का परिपथ आरेख (चार्जिंग एवं डिस्चार्जिंग)

मार्क्स जनित्र (मार्क्स जनरेटर), उच्च वोल्टता की स्पन्द (पल्स) उत्पन्न करने वाला एक विद्युत परिपथ है। इसका वर्णन सबसे पहले १९२४ में एडविन ऑटो मार्क्स ने किया था। इसका उपयोग उच्च ऊर्जा भौतिकी के प्रयोगों में होता है। इसके अलावा इसका उपयोग बिजली की लाइनों एवं विमानों आदि पर आकाशीय विद्युत से होने वाले प्रभावों को सिमुलेट करने के लिये आवश्यक उच्च वोल्टता की पल्स पैदा करने के लिये भी किया जाता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]