माया सीता

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रामायण के कुछ संस्करणों अनुसार रावण माया सीता का अपहरण करता है जबकि असली सीता अग्नि में छिपी रहती हैं।

माया सीता (या छाया सीता) हिंदू महाकाव्य रामायण के कुछ रूपांतरों के अनुसार वास्तविक देवी सीता (ग्रन्थ की नायिका) का मिथ्य रूप था जिसका असल रूप से लंका के दानव राजा रावण द्वारा अपहरण किया गया था।

रामायण में अयोध्या के राजकुमार और भगवान विष्णु के अवतार राम की पत्नी सीता का रावण द्वारा अपहरण कर लिया जाता है तथा वह उन्हें लंका में बंधी के तौर पर रखता है। सीता को राम उनके अपहरणकर्ता का वध कर के बचाते हैं। सीता को राम द्वारा पुनः स्वीकार करने से पहले उन्हें अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है जिसके द्वारा वह अपना सतीत्व अपने पति के समक्ष साबित करती हैं। महाकाव्य के कुछ संस्करणों के अनुसार अग्नि देवता माया सीता को बनाते हैं, जिनका असल रूप में रावण द्वारा अपहरण किया जाता है तथा जिन्हें उसके अत्याचार को सहना पड़ता है, जबकि असली सीता अग्नि में ही छिपी रहती हैं। अग्नि परीक्षा के दौरान माया सीता और असली सीता अपनी स्थितियाँ बदल लेती हैं। कुछ ग्रंथो के अनुसार माया सीता अग्नि परीक्षा के दौरान नष्ट हो जाती हैं, जबकि कुछ वर्णन करते हैं कि आर्शीवाद मिलने के पश्चात उनका महाकाव्य नायिका द्रौपदी या पद्मावती के रूप में पुनर्जन्म होता है। कुछ शास्त्रों के अनुसार माया सीता का पिछला जन्म वेदवती था, जिन्हें रावण उत्पीड़ित करने का प्रयास करता हैं।[1][2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. डोनिजर (1999) पृ॰ 9
  2. मणि पृ॰ 638–9

ग्रंथसूची[संपादित करें]

  • डोनिजर, वेंडी (15 अप्रैल 1999). "The Shadow Sita and the Phantom Helen". Splitting the Difference: Gender and Myth in Ancient Greece and India. युनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो प्रेस. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-226-15641-5. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)
  • मणि, वेट्टम (1975). Puranic Encyclopaedia: a Comprehensive Dictionary with Special Reference to the Epic and Puranic Literature. दिल्ली: मोतीलाल बनारसीदास पब्लिशर्स. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8426-0822-0.