मानव आवास विज्ञान
मानव आवास विज्ञान या एकिस्टिक्स (अंग्रेज़ी: Ekistics) मानव बस्तियों का विज्ञान है, जिसमें क्षेत्रीय, नगर और सामुदायिक नियोजन तथा आवासीय डिज़ाइन शामिल हैं। इसकी प्रमुख प्रेरणा लगातार बड़े और जटिल पौरमंडल के उदय से आई, जो कभी-कभी ‘वैश्विक नगर’ तक विकसित होने की प्रवृत्ति रखते थे।[1] यह अध्ययन प्रत्येक प्रकार की मानव बस्ती को समाहित करता है, जिसमें विशेष रूप से भूगोल, पारिस्थितिकी, मानव मनोविज्ञान, मानवविज्ञान, संस्कृति, राजनीति, और कभी-कभी सौंदर्यशास्त्र पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
वैज्ञानिक अध्ययन के रूप में, मानव आवास विज्ञान वर्तमान में सांख्यिकी और वर्णनात्मक विधियों पर निर्भर है, जिन्हें पाँच इकिस्टिक तत्त्वों या सिद्धांतों में व्यवस्थित किया गया है: प्रकृति, मानव, समाज, आवरण, और संजाल। यह सामान्यतः नगर आयोजना की तुलना में अधिक वैज्ञानिक क्षेत्र माना जाता है, तथा वास्तुशिल्प सिद्धांत के कुछ कम प्रतिबंधित क्षेत्रों के साथ इसका पर्याप्त ओवरलैप होता है।
व्यावहारिक रूप में, इसके निष्कर्ष बस्ती के निवासियों और उनके भौतिक एवं सामाजिक–सांस्कृतिक वातावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से निकाले जाते हैं।[2]
दायरा
[संपादित करें]बाह्य मनोरंजन के संदर्भ में, किसी व्यक्ति का प्राकृतिक जगत के साथ संबंध और उसमें उपलब्ध संसाधनों को देखने का तरीका भी इकिस्टिक संबंध कहलाता है।
एकिस्टिक्स की अवधारणा यह संकेत देती है कि अवसंरचना, कृषि, आवास, कार्य (नौकरी) जैसे मानव समूहों के बीच एवं समूहों के भीतर अंतःक्रिया को उनके पर्यावरण के साथ समझना, उनके व्यक्तिगत और सामूहिक कल्याण को सीधे प्रभावित करता है। यह विषय यह उद्घाटित करने का प्रयास करता है कि सामूहिक बस्तियाँ किस प्रकार बनती हैं और वे एक-दूसरे के साथ कैसे अंतर्संबद्ध होती हैं। ऐसा करते हुए, मनुष्य यह समझने लगते हैं कि वे ‘होमो सेपियन्स’ प्रजाति में कैसे ‘फिट’ होते हैं और इस प्रजाति को अपनी पूर्ण क्षमता तक विकसित करने हेतु उन्हें किस प्रकार जीना चाहिए। कुछ मामलों में एकिस्टिक्स तर्क देता है कि मानव बस्तियों को प्रभावशाली ढंग से और आर्थिक रूप से विस्तार देने के लिए हमें गाँवों, कस्बों, नगरों और महानगरों के निर्माण के तरीकों का पुनर्गठन करना होगा।